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AI से होमवर्क के अंक बढ़े लेकिन एग्जाम में कम हुए मार्क्स, वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

Published: Fri, 09 Oct 2026 01:00 PM (GMT+05:30)

वर्ल्ड बैंक ने अपनी World Development Report-2026 में खुलासा किया है कि एआई के इस्तेमाल से छात्रों के होमवर्क में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एआई के इस्तेमाल से छात्रों के होमवर्क में बढ़ रहे हैं नंबर।

  2. एआई के अत्यधिक इस्तेमाल से छात्रों की सोचने एवं समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में वर्ल्ड बैंक की ओर से एक रिपोर्ट पेश की गई है। वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अत्यधित इस्तेमाल के कारण छात्रों के होमवर्क के अंक तो बढ़ रहे हैं। लेकिन जब परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, तो वह उसमें सबसे कम अंक प्राप्त करते हैं। कुल मिलाकर एआई का अत्यधिक इस्तेमाल करने से छात्रों की सीखने एवं सोचने का कौशल प्रभावित हो रहा है, जिसके कारण वह परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं।

AI से होमवर्क के अंक बढ़े 

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे एआई और ChatGPT जैसे टूल छात्रों को होमवर्क एवं असाइनमेंट पूरा करने में मदद कर रहे हैं। एआई की मदद से छात्रों के होमवर्क में अंक तो बढ़ रहे हैं। लेकिन इससे उनकी सीखने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इस रिपोर्ट में चीन की एक स्टडी के बारे में भी बताया गया है।

इसमें क्लास 7 से 12 तक के छात्रों को शामिल किया गया है। स्टडी के मुताबिक साल 2022 से लेकर 2025 तक छात्रों की पढ़ाई के लिए एआई का इस्तेमाल शून्य से लेकर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि छात्रों द्वारा एआई का इस्तेमाल करने के 6 महीने बाद होमवर्क में 18 प्रतिशत तक अंकों में सुधार हुआ। लेकिन परीक्षाओं में लगभग 20 प्रतिशत तक अंकों में कमी आई।

छात्रों की सोचने समझने की क्षमता प्रभावित

एआई के अत्यधित इस्तेमाल के कारण छात्रों की सोचने एवं समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है। वर्ल्ड बैंक के लीडर गौरव नैय्यर के अनुसार अगर छात्र सीखने के लिए पूरी तरह से एआई पर निर्भर हो जाए, तो यह भविष्य में एक गंभीर समस्या बन सकती है। रिपोर्ट दूसरी तरफ यह भी बताती है कि एआई का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से सोचने एवं समझने की मानसिक क्षमता कमजोर हुई है।

जिन लोगों को एआई का इस्तेमाल करने की आदत हो गई है। ऐसे में अगर वह एआई का इस्तेमाल करना बंद कर दें, तो इससे उनके प्रदर्शन में कमी हो सकती है और उन्हें कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। 

AI पेशेवरों की मांग बढ़ी लेकिन व्हाइट-कॉलर नौकरी पर खतरा

इस रिपोर्ट में एआई के अत्यधिक इस्तेमाल से नौकरी पेशेवरों पर होने वाले खतरों का भी जिक्र किया गया है। विश्व बैंक विकास रिपोर्ट-2026 के अनुसार जॉब मार्केट में एआई पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन एआई के कारण सबसे ज्यादा खतरा व्हाइट-कॉलर नौकरी पेशेवरों पर है। कंपनियां अब ऐसे पेशेवरों की नियुक्ति को ज्यादा प्राथमिकता दे रही है, जिनके पास एआई का कौशल है। लेकिन इससे व्हाइट-कॉलर वाली नौकरियां जाने का खतरा सबसे ज्यादा है।

 

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