कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ की पहली महिला SP और लेडी सिंघम के नाम से मशहूर
छत्तीसगढ़ कैडर की IPS अंकिता शर्मा ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक करके ऑल इंडिया 203 रैंक हासिल की ...और पढ़ें
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Who Is IPS Ankita Sharma: यहां देखें अंकिता शर्मा की यूपीएससी जर्नी।
HighLights
तीसरे प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी।
खैरागढ़ की पहली महिला SP भी रह चुकी हैं।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ कैडर की IPS अंकिता शर्मा इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। दरअसल छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में पुलिस लाइन में विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के दौरान आईपीएस अंकिता शर्मा का AK-47 राइफल से फायरिंग हुए वीडियो वायरल हुआ था।
इस वीडियो में अंकिता शर्मा निडर होकर साड़ी पहनकर AK-47 से फायरिंग कर रही हैं। उनका यह निडर अंदाज लोगों को बेहद ही पसंद आ रहा है। ऐसे में आईये जानते हैं आखिर कौन हैं IPS अंकिता शर्मा और लेडी सिंघम के नाम से उन्होंने अपनी पहचान कैसे बनाई।
कौन हैं IPS अंकिता शर्मा
अंकिता शर्मा का जन्म 25 जून, 1990 को हुआ था। वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। अंकिता शर्मा ने अपनी शुरुआती शिक्षा छत्तीसगढ़ में दुर्ग के सेंट जेवियर सीनियर सेकेंडरी से पूरी की है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने MBA की डिग्री हासिल की। बता दें, अंकिता शर्मा एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

लेडी सिंघम के नाम से मशहूर
छत्तीसगढ़ कैडर की तेज तर्रार आईपीएस अंकिता शर्मा अपने जांबाज हौसले और निडरता के लिए जानी जाती है। अपने काम करने के अंदाज को लेकर उन्होंने 'लेडी सिंघम' के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यही नहीं वह छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ की पहली महिला SP भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने रायपुर के आजाद चौक में सीएसपी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।

तीसरे प्रयास में क्रैक किया UPSC
एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद अंकिता शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करने का फैसला लिया। वह साल 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। लेकिन अंकिता शर्मा को यह सफलता रातोंरात नहीं मिली। यूपीएससी क्रैक करने के लिए उन्होंने दिन रात कड़ी मेहनत की। बता दें, अंकिता शर्मा अपने पहले प्रयास में मुख्य परीक्षा तक पहुंची और दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। लेकिन अंकिता ने अपनी असफलता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और दोबारा परीक्षा की तैयारी कर तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 203 रैंक हासिल करके आईपीएस अधिकारी बन गईं। आज अंकिता उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणा की मिसाल हैं, जो यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करके आईएएस या आईपीएस बनने का सपना देखते हैं।
