यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उद्धव ठाकरे के शिवसेना भवन पहुंचने पर नारेबाजी, शिंदे गुट ने कहा- यह हमारे लिए एक मंदिर है
उद्धव ठाकरे अपने समर्थकों द्वारा नारेबाजी और जयकारों के बीच मुंबई में शिवसेना भवन पहुंचे। उन्होंने यहां अपने गुट के ...और पढ़ें

मुंबई, एएनआई। शिवसेना का नाम और चिह्न मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को देने के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति एक बार गरमा गई है। अब सेना भवन को लेकर शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट में तकरार शुरू हो गया है। दोनों गुट शिवसेना भवन पर अपना दावा कर रहे हैं।
शिवसेना भवन पहुंचे उद्धव ठाकरे
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने समर्थकों द्वारा नारेबाजी और जयकारों के बीच मुंबई में शिवसेना भवन पहुंचे। यहां उन्होंने अपने गुट के विधायकों और नेताओं के साथ बैठक की। उद्धव ठाकरे ने कहा, ''मेरा सब कुछ लुट गया है। हमारी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न चोरी हो गया है, लेकिन ठाकरे नाम चोरी नहीं हो सकता। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कल से सुनवाई शुरू होगी।''
#WATCH | Uddhav Thackeray arrives at Shiv Sena Bhavan in Mumbai amid sloganeering and cheers by his supporters.
He has called a meeting of the MLAs and leaders of his faction here. pic.twitter.com/iL53sAJyj9
— ANI (@ANI) February 20, 2023
'शिवसेना भवन हमारे लिए मंदिर'
इसी बीच, एकनाथ शिंदे गुट के नेता सदा सर्वंकर ने कहा है कि हम किसी संपत्ति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिवसेना भवन हमारे लिए एक मंदिर है। हमारे लिए (पार्टी की) हर शाखा एक मंदिर है।
ठाकरे गुट को दोहरा झटका
बता दें, ठाकरे गुट को आज दोहरा झटका मिला। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना का नाम और उसका चुनाव चिह्न धनुष बाण शिंदे गुट को दिए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया , वहीं विधानसभा में स्थिति शिवसेना के दफ्तर को भी शिंदे गुट के हवाले कर दिया गया। शिंदे गुट के समर्थक विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मिलकर इसकी मांग की थी।
चुनाव आयोग के फैसले से भड़का ठाकरे गुट
चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और उसका चुनाव चिह्न धनुष-बाण देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद से ही ठाकरे गुट के नेता भड़के हुए हैं वे शिंदे गुट पर जमकर निशाना साध रहे हैं। ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने 2000 करोड़ में शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न देने का सौदा किया है।
''शिकायतों से संजय राउत नहीं डरेंगे''
संजय राउत ने कहा, ''हमने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मैं अपने बयान पर कायम हूं कि 2000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, जिससे शिंदे गुट को पार्टी का नाम और सिंबल मिला था। उचित समय पर हम इस संबंध में सबूत लेकर आएंगे।'' उन्होंने कहा, ''मैंने सुना है कि इस बयान पर शिकायत दर्ज की गई है। ऐसी एक लाख शिकायतें भी दर्ज हों तो भी संजय राउत नहीं डरेंगे।''
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