विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बधाई' नहीं मिलने पर ट्रांसजेंडर ने की थी सारी हदें पार, हैवानियत के बाद 3 माह की बच्ची का कत्ल; कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

By Agency Edited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 28 Feb 2024 06:28 PM (IST)

मुंबई की एक अदालत ने एक ट्रांसजेंडर को नवजात बच्ची के साथ हैवानियत और हत्या का दोषी करार देते हुए ...और पढ़ें

ट्रांसजेंडर को फांसी की सजा सुनाई (फाइल फोटो)
ट्रांसजेंडर को फांसी की सजा सुनाई (फाइल फोटो)

HighLights

  1. तीन माह की बच्ची का अपहरण कर ट्रांसजेंडर ने किया था दुराचार
  2. कोर्ट ने मामले को बर्बर और अमानवीय कृत्य करार दिया

पीटीआई, मुंबई। मुंबई की एक अदालत ने एक ट्रांसजेंडर को नवजात बच्ची के साथ हैवानियत और हत्या का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अपराध करने के बर्बर और अमानवीय कृत्य ने इसे दुर्लभतम मामला बना दिया।   

वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया। विशेष न्यायाधीश अदिति कदम ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत यह फैसला सुनाया।

क्या है पूरा मामला?

24 साल के ट्रांसजेंडर ने जुलाई 2021 में पास के घर में रहने वाली एक नवजात का अपहरण किया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार करने के बाद उसकी हत्या कर दी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने ट्रांसजेंडर को नवजात के जन्म के बाद पांरपरिक 'बधाई' (उपहार) नहीं दिया तो उसने यह घिनौना कृत्य किया।

यह भी पढ़ें: यौन शोषण पर सरकार गंभीर, छह फास्ट ट्रैक और पॉक्सो एक्ट को लेकर 18 कोर्ट गठित; मामले की जांच शुरू

बकौल रिपोर्ट, ट्रांसजेंडर ने वधाई में एक साड़ी, एक नारियल और ग्यारह सौ रुपये मांगा था। कोर्ट ने माना कि ट्रांसजेंडर का मकसद पड़ोस में आतंक पैदा करना था ताकि कोई उसे उपहार देने से इनकार करने की हिम्मत न कर सके। न्यायाधीश ने कहा,

लड़कियों की सुरक्षा समाज के लिए सर्वोपरि है.... आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से ही योजना बनाई थी और योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

अदालत ने कहा कि अपराध करने के बर्बर और अमानवीय तरीके ने इसे 'दुर्लभतम मामला' बना दिया। यह एक ऐसा अपराध है, जो खासतौर पर एक गरीब इलाके में एक लड़की के हर माता-पिता की रीढ़ को झकझोर कर रख देगा। 

यह भी पढ़ें: कहीं 12 तो कहीं 14 साल है सहमति से संबंध बनाने उम्र, भारत में क्यों उठ रही इसे कम करने की मांग