यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: यौन शोषण पर सरकार गंभीर, छह फास्ट ट्रैक और पॉक्सो एक्ट को लेकर 18 कोर्ट गठित; मामले की जांच शुरू
जींद जिले के उचाना के सरकारी स्कूल में 142 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न मामले पर विपक्ष ने गठबंधन सरकार ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। जींद जिले के उचाना के सरकारी स्कूल में 142 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न मामले पर विपक्ष ने गठबंधन सरकार को घेरा। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने यौन उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 10 सालों में केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 11 हजार करोड़ रुपये को खर्च न करने का मुद्दा उठाया। यही नहीं, कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने स्कूलों में शौचालय सहित मूलभूत सुविधाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
केंद्रीय बजट खर्च न करने के मामले पर भी सरकार को घेरा
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने जवाब दिया कि यौन उत्पीड़न मामले में सरकार द्वारा सख्त कदम उठाते हुए प्राचार्य करतार को 27 नंवबर को निलंबित किया गया तो 11 दिसंबर को उसे बर्खास्त कर दिया और विद्यालय के 17 स्टाफ सदस्यों का भी तबादला किया गया है।
अभय चौटाला द्वारा उठाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि सरकार यौन उत्पीड़न मामलों पर पूरी तरह गंभीर है। यौन उत्पीड़न मामलों की सुनवाई के लिए छह फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की गई हैं तो पास्को मामलों की सुनवाई 18 फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो रही हैं।
किरण चौधरी ने उठाया स्कूलों में सुविधओं की कमी का मुद्दा
उन्होंने केंद्र द्वारा भेजे गए बजट के खर्च न होने पर कहा कि एस्टीमेट के हिसाब से बजट कम खर्च होता है, फंड की कमी के चलते कोई काम नहीं रुका है। यौन उत्पीड़न मामलों पर अंकुश लगाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
हुड्डा ने सवाल उठाया था कि पिछले 10 वर्षों में 2012-13 से 2022-23 के दौरान केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं सहित अनुमानित बजट 129203.13 करोड़ रुपये के विरूद्ध 118312.83 करोड़ रुपये (संशोधित बजट) की राशि आवंटित की गई थी। विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा कुल 107636.84 करोड़ रुपये का उपयोग कर लिया गया था।
इन वर्षों के दौरान 118312.83 करोड़ रुपये के संशोधित बजट में से 10675.99 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं किया जा सका।छात्राओं को सिखाए जा रहे हैं आत्मरक्षा के गुर कंवरपाल गुर्जर ने बताया कि सरकार स्कूली छात्रों विशेषकर सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को शिक्षित एवं सशक्त करने के लिये विभिन्न प्रशिक्षण और आत्मरक्षा कार्यक्रम चला रही है। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत, शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में कक्षा 6वीं से 12वीं की लगभग 1,25,000 छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में कक्षा छठी से बारहवीं की लगभग 1,00,000 छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया था एवं वर्ष 2023-24 में 1,25,000 छात्राओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है और इस वर्ष, अब तक कक्षा छठी से बारहवीं की लगभग 87,000 छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं करवाई जा रही हैं मुहैया शिक्षा मंत्री का कहना था कि हाईकोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के रूप में 131 विद्यालयों में पीने के पानी की सुविधा, 236 में बिजली कनैक्शन, 1047 में लड़कों के शौचालय तथा 538 में लड़कियों के शौचालय उपलब्ध करवाए जाने की आवश्यकता है।
सभी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के संबंध में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर 49.00 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी एवं 131 स्कूलों में पीने का पानी, 1047 स्कूलों में लड़कों के शौचालय, 538 स्कूलों में लड़कियों के शौचालय तथा 236 स्कूलों में बिजली कनैक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
कुल 8240 अतिरिक्त कक्षा कक्ष, 5630 अन्य कक्ष एवं 321 चारदीवारी की आवश्यकता के विरूद्ध, 4506 कम्पोनेंट (अतिरिक्त कक्षा कक्ष, अन्य कमरे और चारदीवारी) स्वीकृत किये जा चुके है। इनमें से 663 कम्पोनेंट पूरे हो चुके हैं, 1604 कम्पोनेंट प्रगति पर हैं तथा 2239 कम्पोनेंट टेंडरिंग की प्रक्रिया में हैं। वर्तमान में राज्य के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 26303 पद रिक्त हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा
