'यह राजनीतिक साजिश है', सालियान मामले की FIR के बाद संजय राउत ने CBI पर साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे का नाम आने को राजनीतिक साजिश बताया है।
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सालियान मामले की FIR के बाद संजय राउत ने CBI पर साधा निशाना(फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे का नाम आना ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
मीडिया से बात करते हुए, राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की पहले ही जांच कर चुकी है, और उसने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को इस मामले से क्लीन चिट दे दी थी।
राउत ने कहा कि जिस तरह से मामले को अदालत में ले जाया गया और सीबीआई को मामला सौंपने का आदेश दिया गया, वह एक साजिश है। अदालत ने विशेष रूप से सीबीआई जांच करने को कहा था, लेकिन किसी का नाम न लेने के लिए कहा था। फिर भी मीडिया में नाम लिए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह ठाकरे परिवार की छवि को धूमिल करने के लिए दिल्ली द्वारा रची गई एक राजनीतिक साजिश है, ठाकरे परिवार लोगों के दिलों में बसता है।
एफआईआर चुनिंदा तरीके से की जा रही है लीक: राउत
राउत ने दावा किया कि सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो कई सार्वजनिक मुद्दों पर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई की एफआईआर को चुनिंदा तरीके से मीडिया में लीक किया जा रहा है। 16 पन्नों की एफआईआर का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि इसका सिर्फ एक ही पन्ना साझा किया गया है।
अन्य नेताओं के खिलाफ भी चलाए गए ऐसे अभियान
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने केंद्र सरकार पर इससे पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, डीएमके, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के खिलाफ भी ऐसे अभियान चलाने का आरोप लगाया।
राउत ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को आवंटित तीर-कमान चुनाव चिह्न से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के बीच, अब ठाकरे परिवार के खिलाफ इसी तरह का अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मामला एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है और कोई डरा हुआ है। राउत ने दावा किया कि एक निष्पक्ष फैसला महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है और ठाकरे परिवार को फिर से केंद्र में ला सकता है।
सीबीआई ने दर्ज की है एफआईआर
बता दें कि 2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था और छह साल तक एफआईआर दर्ज न करने के लिए मुंबई पुलिस की कड़ी आलोचना की थी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि पुलिस की जांच ने जवाब से ज्यादा सवाल खड़े किए हैं।
सोमवार को सीबीआई ने सालियान के पिता की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए किसी भी आरोपी का नाम लिए बिना सालियान की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की।
हालांकि, एफआईआर की सामग्री में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और रिया चक्रवर्ती सहित कई लोगों का उल्लेख है, और कहा गया है कि उनकी भूमिकाओं की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
सोमवार को केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली, आदित्य के अंगरक्षक, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का नाम शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 28 वर्षीय दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मुंबई पुलिस ने इसे दुर्घटना में हुई मौत के तौर पर दर्ज किया था और बाद में कहा था कि जांच में यह निष्कर्ष निकला है कि उन्होंने आत्महत्या की थी।
इसके ठीक एक सप्ताह बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। इन दोनों मौतों के बीच कम समय के अंतर ने दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध के बारे में अटकलों को जन्म दिया था।
