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Mahadev App: महादेव सट्टेबाजी एप मामले में बड़ी सफलता, मुंबई पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी

मुंबई अपराध शाखा की एसआईटी ने 15000 करोड़ रुपये के महादेव सट्टेबाजी एप मामले में पहली गिरफ्तारी की है। इस बीच पिछले महीने दुबई में अधिकारियों ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप प्रमोटरों में से एक सौरभ चंद्राकर की गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार ईडी के आदेश पर दुबई पुलिस ने उप्पल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद उसे हिरासत में लिया था।

By Jagran News Edited By: Anurag GuptaPublished: Sat, 06 Jan 2024 11:01 PM (IST)Updated: Sat, 06 Jan 2024 11:01 PM (IST)
महादेव सट्टेबाजी एप मामले में मुंबई पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी

राज्य ब्यूरो, मुंबई। मुंबई अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (SIT) ने 15,000 करोड़ रुपये के महादेव सट्टेबाजी एप मामले में पहली गिरफ्तारी की है। इस मामले में दीक्षित कोठारी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में कुछ सप्ताह पहले माटुंगा पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की थी और मामला अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।

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इस बीच, पिछले महीने दुबई में अधिकारियों ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप प्रमोटरों में से एक सौरभ चंद्राकर की गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया था। चंद्राकर को इस सट्टेबाजी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड माना जाता है। मुंबई पुलिस द्वारा दीक्षित कोठारी की गिरफ्तारी महादेव एप के एक अन्य प्रमोटर रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिए जाने के लगभग दो सप्ताह बाद की गई है। उप्पल के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच ईडी कर रही है। उसे इस मामले में आरोपित बनाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ रिश्वत के आरोप लगे थे।

अधिकारियों के अनुसार, ईडी के आदेश पर दुबई पुलिस ने उप्पल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद उसे हिरासत में लिया था। दुबई के अधिकारियों ने उप्पल की गिरफ्तारी के तुरंत बाद भारतीय अधिकारियों को सूचित किया और उसे प्रत्यर्पित करने की इच्छा जताई थी, क्योंकि वह लगभग 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता के लिए भारत में वांछित है।

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उप्पल के खिलाफ कब जारी हुआ था रेड कार्नर नोटिस?

इस साल अक्टूबर में उप्पल और अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के अन्य प्रमोटर और मास्टरमाइंड चंद्राकर, जो संयुक्त अरब अमीरात में हैं, के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किए गए थे। ईडी द्वारा रायपुर में एक विशेष अदालत का रुख करने और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त करने के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया था। यह घटनाक्रम इस साल फरवरी में संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित एक भव्य शादी के बाद सामने आया, क्योंकि इस विवाहोत्सव में खर्च हुए लगभग 200 करोड़ रुपये का पूरा भुगतान नकद किया गया था।

ईडी के अनुसार, रास अलखैमा में आयोजित अपनी शादी में भारत से अपने परिवार को ले जाने के लिए चंद्राकर ने एक निजी जेट किराए पर लिया था। इसके अलावा फिल्म उद्योग की मशहूर हस्तियों को शादी में प्रदर्शन के लिए भी भुगतान किया गया था।

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दो मुख्य प्रवर्तक हैं चंद्राकर और उप्पल 

ईडी ने कहा है कि भिलाई के रहने वाले चंद्राकर और उप्पल महादेव सट्टेबाजी एप के दो मुख्य प्रवर्तक हैं और दुबई से इस एप का संचालन करते हैं। एजेंसी ने हाल ही में रायपुर, भोपाल, मुंबई और कोलकाता में 39 स्थानों पर तलाशी ली थी और 417 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने विदेश में भी गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।


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