Move to Jagran APP

Mahadev Satta App Case: 'मेरा नाम लिखा जाना राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा', ED की चार्जशीट पर भूपेश बघेल ने तोड़ी चुप्पी

महादेव सट्टा एप मामले में ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम शामिल किए जाने के बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है। चार्जशीट में नाम सामने आने पर भूपेश बघेल ने शनिवार को स्पष्टीकरण दिया है। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से मेरा नाम लिखा है वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।

By Jagran News Edited By: Devshanker Chovdhary Published: Sat, 06 Jan 2024 06:35 PM (IST)Updated: Sat, 06 Jan 2024 06:35 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम शामिल किए जाने के बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है। चार्जशीट में नाम सामने आने पर भूपेश बघेल ने शनिवार को स्पष्टीकरण दिया है। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से मेरा नाम लिखा है, वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।

loksabha election banner

भूपेश बघेल ने ईडी को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों की गिरफ्तारी कर रही है। साथ ही गिरफ्तार लोगों से मेरे और मेरे आदमियों के खिलाफ गवाही दिलवा रही है। उन्होंने आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि इन बयानों में जो पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं उनका कोई आधार नहीं है।

भूपेश बघेल ने कहा,

जिस असीम दास के पास से रुपए बरामद हुए थे उसने जेल से अपने हस्तलिखित बयान में कह दिया है कि उन्हें भी धोखे में रखकर फंसाया गया है और उन्होंने कभी किसी राजनेता व उनसे जुड़े लोगों को पैसा नहीं पहुंचाया। अब ईडी दावा कर रही है कि उसने यह बयान भी वापस ले लिया है। यह किस दबाव में हो रहा है, उसे सब जानते हैं।

यह भी पढ़ेंः Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा ऐप के आरोपी असीम दास ने किया बड़ा दावा, कहा- घोटाले का पूरा पैसा भूपेश बघेल के लिए था

पूर्व सीएम ने जांच पर उठाया सवाल

उन्होंने एजेंसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब सवाल यह है कि ईडी ने जिस दिन कथित रूप से असीम दास से रुपए बरामद किए थे उस घटना की पूरी रिकॉर्डिंग ईडी के पास है। इसका मतलब है कि पूरी घटना पहले से तय थी और इसका मतलब यही है कि इसकी कूटरचना ईडी ने ही की थी।

पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी ने दावा किया है कि चंद्रभूषण वर्मा ने भी अपना पहले का बयान वापस ले लिया है। हम तो शुरुआत से कह रहे हैं कि ईडी मारपीट से लेकर धमकी देने तक हर हथकंडे अपनाकर मेरा व मेरे सहयोगियों का नाम लेने का दबाव बना रही है। ईडी के नए दस्तावेज से यह और स्पष्ट हो गया है।

बघेल ने कहा- मैंने शुरू करवाई थी जांच

उन्होंने स्पष्ट किया कि महादेव एप के घोटाले की जांच मैंने ही मुख्यमंत्री रहते हुए खुद शुरू की थी। मैं चाहता था कि इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो और युवाओं को जुआखोरी की ओर धकेल रहे इस अपराध पर रोक लगे। छत्तीसगढ़ सरकार की इस जांच के आधार पर ही ईडी धन-शोधन का मामला बनाकर जांच कर रही है, लेकिन दुर्भाग्य है कि ईडी ने जांच को अपराध की बजाय राजनीतिक दबाव व बदनामी का हथियार बना लिया है।

पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि पूरे मामले को जिस तरह से राजनीतिक रंग दिया गया है उससे साफ है कि इसका उद्देश्य अब असली अपराधियों को बचाने और राजनीतिक दुष्प्रचार कर भाजपा को फायदा पहुंचाने का ही रह गया है।

यह भी पढ़ेंः Who Is Ravi Uppal: कभी टायर बेचता था महादेव सट्टा ऐप का मालिक रवि उप्पल, यूं खड़ा किया 6,000 करोड़ का साम्राज्य


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.