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मुंबई में मानसून से पहले खतरे की घंटी: MMR की 827 इमारतें बेहद जर्जर, 18 हजार से ज्यादा घर असुरक्षित

Published: Tue, 12 May 2026 06:00 PM (IST)

मुंबई महानगर क्षेत्र में मानसून से पहले 827 इमारतें 'बेहद खतरनाक' घोषित की गई हैं, जबकि 18 हजार से अधिक घर असुरक्षित माने जा रहे हैं।

MMR की 827 इमारतें बेहद जर्जर।                             (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

MMR की 827 इमारतें बेहद जर्जर। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में मानसून से पहले ही पुराने और जर्जर भवनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निकायों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में 827 इमारतों को ‘बेहद खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं, 18 हजार से अधिक घर ऐसे हैं जिन्हें रहने के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जा रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के साथ-साथ ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी, मीरा-भयंदर और उल्हासनगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में पुरानी इमारतें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। इनमें से कई भवन 30 से 50 साल पुराने हैं और उनकी संरचनात्मक क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।

स्ट्रक्चरल ऑडिट में बड़ा खुलासा

स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया है कि कई इमारतों के पिलर और बीम कमजोर हो चुके हैं और वे अब भार सहने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे भवनों को खाली कराने के लिए नगर निकायों ने नोटिस जारी किए हैं, लेकिन लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या वैकल्पिक आवास की है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

हजारों परिवार आर्थिक मजबूरी और ट्रांजिट कैंपों की कमी के कारण इन खतरनाक मकानों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कई लोग जान जोखिम में डालकर इन्हीं इमारतों में रहने को मजबूर हैं।

मानसून में बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश, सीलन और कमजोर ढांचों की वजह से मानसून के दौरान हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। किसी भी समय इमारतों के गिरने जैसी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

प्रशासन का सख्त रुख

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएमसी और अन्य नगर निकायों ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के बावजूद इमारत खाली नहीं करने वालों की बिजली और पानी की सप्लाई काटी जा सकती है।

हालांकि, कई मामलों में कानूनी विवाद, पुनर्विकास परियोजनाओं में देरी और बिल्डरों पर धोखाधड़ी के आरोप भी लोगों के घर खाली न करने की बड़ी वजह बने हुए हैं।

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