पेन ड्राइव में क्या है? दिशा सालियान के पिता सीबीआई को सौंपेंगे अहम सबूत
दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान सीबीआई को एक पेन ड्राइव सौंपेंगे, जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग, गवाहों के ...और पढ़ें
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सतीश सालियान सीबीआई को पेन ड्राइव सौंपेंगे

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके पिता सतीश सालियान गुरुवार को अपने वकील नीलेश ओझा के साथ मुंबई स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कार्यालय पहुंचकर एक पेन ड्राइव सौंपेंगे।
उनके वकील का दावा है कि इसमें वीडियो रिकार्डिंग, गवाहों के बयान, फोटो, फोन बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्य हैं। परिवार ने सीबीआई से मामले में नामजद लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की मांग की है।
सतीश सालियान सीबीआई को पेन ड्राइव सौंपेंगे
वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि पेन ड्राइव में कई प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़ी सामग्री है। उनके अनुसार, एक प्रत्यक्षदर्शी का पूरा वीडियो भी इसमें है, जिसमें उसने घटना का क्रम और शव के वहां पाए जाने के बारे में जानकारी दी है।
ओझा ने कहा कि कुछ साक्ष्य में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों की कथित मौजूदगी से जुड़े दावे भी हैं। ओझा ने पुलिस रिकार्ड में दर्ज बताए जा रहे एक व्यक्ति नावेद के बयान का भी उल्लेख किया।
उनके मुताबिक नावेद ने दावा किया था कि वह कुछ लोगों के साथ वहां मौजूद था और उसने दिशा को ऊपर से गिरते देखा था। ओझा ने कहा कि इस बयान और सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य रिकार्ड में अंतर होने का दावा किया गया है।
पेन ड्राइव में क्या है?
कपड़ों के विवरण को लेकर अलग-अलग बयानों में कथित विसंगतियों को भी सीबीआई के समक्ष रखा जाएगा। वकील ने कहा कि मामले में प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने की स्थिति में मोबाइल टावर लोकेशन जैसे डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
उन्होंने अश्विनी बिद्रे मामले का भी हवाला दिया। ओझा ने दावा किया कि पेन ड्राइव जमा होने के बाद जांच एजेंसी को कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
सतीश सालियान ने कहा कि पेन ड्राइव में वीडियो, फोटो, बातचीत और फोन काल समेत विभिन्न सामग्री है। उन्होंने आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और एक पुलिस आयुक्त के खिलाफ साक्ष्य होने का दावा किया है।
आदित्य ठाकरे के वकील ने आरोपों को किया खारिज
इस बीच, आदित्य ठाकरे के वकील अंशुमन सिन्हा ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ठाकरे ने अपने एक्स पोस्ट में सतीश सालियान का नाम नहीं लिया था और उनका रुख यही है कि वह दिशा को न जानते थे और न उनसे मिले थे।
उन्होंने कहा कि आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं है और मामले की सच्चाई जांच में सामने आएगी। बता दें कि यह मामला सतीश सालियान और आदित्य ठाकरे के बीच 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस को लेकर चल रहे कानूनी विवाद के बीच सामने आया है।
ठाकरे की ओर से भेजे गए जवाब में 500 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग को आधारहीन बताया गया है।दिशा सालियान आठ जून 2020 को मुंबई में मृत मिली थीं। उनकी मौत को उस समय आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) के रूप में दर्ज किया गया था।
