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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maharashtra: महाराष्ट्र में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए शख्स ने की आत्महत्या, पेड़ से लटकी मिली लाश

By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
Published: Tue, 24 Oct 2023 05:32 PM (IST)

महाराष्ट्र के सांगली जिले में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे 37 वर्षीय एक व्यक्ति आत्महत्या कर ...और पढ़ें

महाराष्ट्र में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए शख्स ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
महाराष्ट्र में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए शख्स ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. एसटी श्रेणी में कोटा के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है समुदाय
  2. बीजेपी MLC गोपीचंद धनगर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

पीटीआई, सांगली। महाराष्ट्र के सांगली जिले में धनगर समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे 37 वर्षीय एक व्यक्ति आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंगलवार ने (24 अक्टूबर) को कहा कि व्यक्ति ने कथित तौर पर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या की।

कवठे महाकाल तहसील के आबाचीवाड़ी निवासी बीरूदेव खारजे का शव रविवार दोपहर को उनके खेत में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। उमडी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, "पुलिस ने बीरूदेव खारजे की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें लिखा है कि धनगर समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए।"

एसटी श्रेणी में कोटा के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है समुदाय

बता दें कि इस समय फिलहाल धनगर या चरवाहा समुदाय को विमुक्त जाति और खानाबदोश जनजाति (VJNT) श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। हालांकि, समुदाय एसटी श्रेणी के तहत कोटा के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।

बीजेपी MLC गोपीचंद धनगर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

वहीं, बीजेपी के एमएलसी गोपीचंद धनगर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसमें धनगर समुदाय के बीरूदेव खरजे ने आरक्षण के लिए अपनी जान दे दी। इसके अलावा कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार मंगलवार तक मराठा समुदाय को आरक्षण देने में विफल रहती है तो वह 25 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू करेंगे।

महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण की मांग पूरी होने तक मराठा समुदाय सांसदों और विधायकों सहित राजनीतिक नेताओं को राज्यभर के गांवों में प्रवेश नहीं करने देगा।

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