नवी मुंबई शिफ्ट होने से एयरलाइंस का इनकार, मुंबई एयरपोर्ट के समर स्लॉट में कटौती की योजना को दी चुनौती
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को एयरलाइंस कंपनियों ने खारिज कर दिया है।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 से एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) पर शिफ्ट करने के प्रस्ताव को एयरलाइंस कंपनियों ने खारिज कर दिया है।
एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी (एओसी) ने शनिवार को एमआईएएल को पत्र लिखकर साफ किया कि बिना उचित प्रक्रिया और आम सहमति के स्लॉट में कटौती या उड़ानों का ट्रांसफर उन्हें कतई मंजूर नहीं है। इस विवाद के बीच दोनों पक्षों की अगली बैठक 28 अक्टूबर को तय की गई है।
एमआईएएल की ट्रैफिक बैलेंसिंग योजना पर विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई जब एमआईएएल ने 16 अक्टूबर को एयरलाइनों को पत्र भेजकर समर शेड्यूल 2027 से सालाना 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को T2 से नवी मुंबई शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा और इस पर 21 अक्टूबर तक बातचीत पूरी करने को कहा।
हालांकि, 13 अक्टूबर की बैठक में ऑपरेटर ने आश्वासन दिया था कि विंटर शेड्यूल मार्च के अंत तक में ऐतिहासिक स्लॉट से छेड़छाड़ नहीं होगी, लेकिन समर 2027 से ट्रैफिक बैलेंसिंग की बात कही गई।
इसके जवाब में AOC ने दो टूक कहा कि कुछ एयरलाइनों से अलग से की गई बातचीत को सभी एयरलाइनों की सामूहिक सहमति नहीं माना जा सकता, और ऑपरेटर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय व अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ(आईएटीए) के स्लॉट आवंटन नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
रेनोवेशन के नाम पर उड़ानों को हटाने पर खड़े किए सवाल
AOC ने टर्मिनल 1 के रेनोवेशन के नाम पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को हटाने की जरूरत पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एयरलाइनों का कहना है कि T1 की कुल क्षमता 1.5 करोड़ यात्रियों की है, जबकि अभी वहां से सालाना 1 करोड़ से भी कम यात्री गुजरते हैं।
वहीं, मार्च 2027 तक T2 की क्षमता में 50 लाख यात्रियों की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने वाली है। ऐसे में T1 के डिमोलिशन से प्रभावित होने वाले घरेलू यात्रियों को जगह देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्लॉट रद करने का कोई पुख्ता और तार्किक आधार ऑपरेटर ने पेश नहीं किया है।
AOC ने मांग की है कि कोई भी फैसला लेने से पहले T1 के पुनर्निर्माण की पूरी रूपरेखा, सुरक्षा आकलन और टर्मिनल क्षमता का वास्तविक डेटा सार्वजनिक किया जाए।
मंत्रालय के दखल के बाद टला था तात्कालिक संकट
यह गतिरोध सबसे पहले 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब एमआईएएल ने 25 अक्टूबर से शुरू हो रहे विंटर शेड्यूल में हर हफ्ते के 770 अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर स्लॉट में से 265 स्लॉट काटने का प्रस्ताव दिया था। इससे 46 भारतीय और विदेशी एयरलाइनों की रोज की करीब 38 उड़ानें प्रभावित होतीं।
जून में ही शेड्यूल मंजूर होने और टिकट बुकिंग शुरू हो जाने के कारण एयरलाइनों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद 3 अक्टूबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को दखल देना पड़ा था।
इसके बाद ऑपरेटर ने मार्च 2027 तक स्लॉट न छेड़ने का भरोसा दिया था। तय योजना के तहत 15 जनवरी 2027 से T1 के नवीनीकरण का पहला चरण शुरू होना है, जिसमें T1B का उत्तरी हिस्सा गिराया जाना प्रस्तावित है।
