'आपकी वफादारी बिकाऊ है', उद्धव गुट के बागी सांसदों पर भड़के आदित्य ठाकरे
आदित्य ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक फायदे के लिए अपनी वफादारी बेच दी।

आदित्य ठाकरे।
HighLights
आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर वफादारी बेचने का आरोप लगाया।
6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहे।
बागी सांसदों ने एमवीए गठबंधन के दम पर चुनाव जीता था।
डिजिटिल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में जारी 'ऑपरेशन टाइगर' की हलचल के बीच शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। पार्टी में मचे इस बड़े घमासान के बीच आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने राजनीतिक फायदे के लिए अपनी वफादारी और साख को सरेआम बेच दिया है।
बता दें कि आदित्य ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उद्धव ठाकरे गुट को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। इन बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को अलग ग्रुप बनाने की जानकारी भी दे दी है।
बागी सांसदों के वफादारी पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर इन बागी सांसदों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लिखा कि जो लालची सांसद पाला बदल रहे हैं, उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और उनकी साख बिकाऊ है। आदित्य ने कहा कि वे बेहद बेशर्मी से बिके हैं। मौजूदा सरकार पक्षपाती है और जनता के पैसे (फंड) का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रही है।
To the greedy MPs who have hopped over, you only prove the following, stronger than before:
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) June 22, 2026
1) Your loyalty, your reputation is for sale, shamelessly
2) The government is biased and uses public money, politically, as funds
All of the ones that are jumping over now were elected…
जनता और गठबंधन के साथ धोखा- आदित्य
आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों को याद दिलाया कि वे कैसे चुनाव जीते थे। उन्होंने लिखा कि ये सभी सांसद महाविकास अघाड़ी (MVA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के दम पर एनडीए (NDA) के खिलाफ चुनाव जीते थे। चुनाव के समय इन लोगों ने खुद शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) के नेताओं से अपने लिए रैलियां करने की मिन्नतें की थीं।
इसके अलावा आदित्य ठाकरे ने यह भी याद दिलाया कि जनता ने आपके क्षेत्रों में एनडीए के खिलाफ और 'इंडिया' गठबंधन के सिद्धांतों के लिए वोट दिया था। अब रातों-रात लालच में आकर सब कुछ छोड़ देना सिर्फ खुदगर्जी है। अपने पोस्ट के अंत में आदित्य ठाकरे ने इस पूरे घटनाक्रम को 'गंदी राजनीति का सबसे घटिया उदाहरण' बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता इस तरह की धोखेबाजी को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
पार्टी की बैठक से गायब रहे थे 6 सांसद
बता दें कि बीते दिनों उद्धव ठाकरे गुट ने दिल्ली में अपने सांसदों की एक जरूरी बैठक बुलाई थी और इसके लिए 'व्हिप' भी जारी किया था। लेकिन इसके बावजूद 6 सांसद इस बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में केवल तीन सांसद अरविंद सावंत, अनिल देशाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए और उन्होंने उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी वफादारी दोहराई।
दूसरी तरफ, बागी सांसदों का कहना है कि वे शिवसेना (UBT) का कांग्रेस में संभावित विलय होने की खबरों और पार्टी की मूल विचारधारा से भटकने के कारण अलग हो रहे हैं।
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