शहडोल में आवासीय विद्यालय की दीवार फांदकर निकलीं 50 छात्राएं, कलेक्टर से मिलने 10 किमी पैदल चलीं
जयसिंहनगर के आवासीय विद्यालय की 50 छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर दीवार फांदकर निकलीं और कलेक्टर से मिलने 10 किमी ...और पढ़ें

कलेक्टर से मिलने पैदल जाती छात्राएं।
HighLights
जयसिंहनगर की 50 छात्राएं दीवार फांदकर बाहर निकलीं।
कलेक्टर से मिलने 10 किलोमीटर से अधिक पैदल चलीं।
जर्जर भवन और फर्नीचर जैसी समस्याओं के निराकरण की मांग।
डिजिटल डेस्क, शहडोल। जिले के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों के विद्यार्थियों का अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकलने का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह जयसिंहनगर स्थित आवासीय विद्यालय की लगभग 50 छात्राएं विभिन्न समस्याओं को लेकर दीवार फांदकर बाहर निकलीं और पैदल शहडोल मुख्यालय के लिए रवाना हो गईं। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पुलिस, शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्राओं को समझाकर विद्यालय लौटाने का प्रयास किया गया।
कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ीं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बस से शहडोल पहुंचाने की व्यवस्था की बात भी कही, लेकिन छात्राएं बस में बैठने को तैयार नहीं हुईं। उनका कहना था कि वे पैदल शहडोल पहुंचकर कलेक्टर से मिलेंगी और समस्याएं सीधे उनके सामने रखेंगी। काफी मशक्कत के बाद 10 किलोमीटर से अधिक पैदल चलने के बाद छात्राओं को बस में बैठाकर शहडोल लाया गया।
इसके बाद छात्राएं कलेक्टर से मिलीं और भवन, फर्नीचर सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जल्द समस्याओं का निराकरण होगा। इसके बाद छात्राओं को वापस छात्रावास पहुंचवाया गया।

पहले भी छात्र-छात्राएं कर चुके पैदल मार्च
जिले में यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों के छात्र-छात्राएं शिकायतें लेकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकले हैं। इससे पहले बुढ़ार, जैतपुर और गोहपारू क्षेत्र में भी ऐसे मामले सामने आए थे।जयसिंहनगर से शहडोल की दूरी 40 किलोमीटर से अधिक है, फिर भी छात्राएं पैदल जाने की जिद पर अड़ी रहीं।
हाल के दिनों में छात्रावासों से जुड़े कई मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई भी की है, इसके बावजूद छात्राओं का विद्यालय छोड़कर कलेक्टर तक पहुंचने का प्रयास आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शिकायतों के निराकरण पर सवाल खड़ा करता है।
सूचना मिलते ही खन्नौधी तक पहुंच गए थे, इससे पहले सोहागपुर तहसीलदार मौके पर पहुंच गए थे। छात्राएं विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने आई थीं, उन्हें वापस छात्रावास पहुंचा दिया गया है। बजट के अभाव में भवन और फर्नीचर जैसी समस्या है, जिसके निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
आनंद राय सिन्हा, सहायक आयुक्त, जनजातीय विकास विभाग शहडोल
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