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MP में होगा रेल नेटवर्क का विस्तार, 11 नए मार्गों की संभावना तलाशेगा रेलवे, सर्वे के लिए बजट मंजूर

By Dipankar RaiEdited By: Ravindra Soni
Published: Wed, 08 Apr 2026 05:49 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने मध्य प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 11 नए रेल मार्गों की संभावनाएं तलाशने का फैसला ...और पढ़ें

रेल रूट्स के लिए होगा सर्वे (प्रतीकात्मक चित्र)

रेल रूट्स के लिए होगा सर्वे (प्रतीकात्मक चित्र)

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संक्षेप में पढ़ें

दीपंकर राय, जबलपुर। मध्य प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने प्रदेश में 11 नए रेल मार्गों की संभावनाएं तलाशने का फैसला किया है। इनमें भोपाल-सागर-छतरपुर-दमोह-खजुराहो रेल लाइन पर प्रारंभिक सर्वे जल्द शुरू होगा, जबकि बाकी 10 प्रस्तावित मार्गों पर टोही (रिकानिसेंस) और यातायात सर्वे कराया जाएगा।

प्रस्तावित सर्वे में जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड और झांसी-शिवपुरी-श्योपुर-सवाई माधोपुर जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं। इन परियोजनाओं को पश्चिम मध्य रेल (डब्ल्यूसीआर) और दक्षिण पूर्व मध्य रेल (एसईसीआर) के दायरे में रखा गया है। रेलवे बोर्ड ने इन सर्वे कार्यों के लिए बजट भी मंजूर कर दिया है और संबंधित जोन को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

दो चरणों में तय होगी व्यवहार्यता

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में टोही सर्वे के जरिए प्रस्तावित मार्गों की भौगोलिक स्थिति, संभावित रूट, लागत और तकनीकी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद यातायात सर्वे में यह परखा जाएगा कि इन रूट्स पर यात्री और माल परिवहन की कितनी संभावनाएं हैं। पूरी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे नई रेल लाइन बिछाने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पुराने प्रस्तावों को मिला नया जीवन

इनमें से कई मार्गों पर पहले भी सर्वे हो चुके हैं, लेकिन आर्थिक या तकनीकी कारणों से योजनाएं आगे नहीं बढ़ पाई थीं। हालांकि, हाल के वर्षों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने एक बार फिर इन परियोजनाओं की व्यवहार्यता जांचने का निर्णय लिया है।

अछूते क्षेत्रों को मिलेगा रेल नेटवर्क

रेलवे की इस पहल से प्रदेश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। यदि ये परियोजनाएं साकार होती हैं, तो कई ऐसे इलाके पहली बार रेल मानचित्र पर शामिल होंगे, जहां अब तक ट्रेन की पहुंच नहीं है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी नई दिशा मिलेगी।

सर्वे के नतीजे सकारात्मक आने पर इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिससे प्रदेश में रेल विकास का नया अध्याय शुरू हो सकता है।

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यहां टटोलेंगे संभावना

टोही सह यातायात सर्वे
रेल मार्ग : अनुमानित दूरी : राशि (करोड़ रुपये में)
जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड : 240 किमी : 0.36
दमोह-हटा नगर-खजुराहो : 125 किमी : 0.15
मक्सी-हरदा : 140 किमी : 0.35
जयसिंह नगर-रीवा : 130 किमी : 0.06
जयसिंह नगर-शहडोल : 50 किमी : 0.08
बालाघाट-भरवेली-उकवा : 45 किमी : 0.07
वारासिवनी-खैरलांजी-तिरोड़ा : 50 किमी : 0.13
सिवनी-कटंगी : 92.10 किमी : 0.14
पेंड्रा रोड-अमरकंटक-मंडला-घंसौर : 200 किमी : 0.50
झांसी-शिवपुरी-श्योपुर सवाई माधोपुर : 290 किमी : 0.14

आरंभिक सर्वे
सागर-छतरपुर-खजुराहो-भोपाल : 320 किमी : 0.69