विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बर्फीले पहाड़ हों या बारूदी सुरंगें, हर चुनौती से निपटेगा स्वदेशी LAMV; जबलपुर में आकार ले रहा सेना का नया 'सुरक्षा कवच'

Published: Thu, 05 Nov 2026 03:00 PM (IST)

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) ने भारतीय सेना के लिए अगली पीढ़ी का स्वदेशी लाइट आर्म्ड मल्टीपरपज व्हीकल (LAMV) विकसित किया ...और पढ़ें

व्हीकल फैक्ट्री ने विकसित किया बख्तरबंद गाड़ी का मॉडल। सौजन्‍य फैक्ट्री

व्हीकल फैक्ट्री ने विकसित किया बख्तरबंद गाड़ी का मॉडल। सौजन्‍य फैक्ट्री

HighLights

  1. वीएफजे ने भारतीय सेना हेतु स्वदेशी लाइट आर्म्ड व्हीकल (LAMV) बनाया।

  2. लेह-लद्दाख के दुर्गम और अत्यधिक ठंडे इलाकों में इसका परीक्षण हुआ।

  3. यह वाहन गोलियों, बारूदी सुरंगों और IED धमाकों से सुरक्षा देगा।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए जबलपुर ने एक बड़ी उपलब्धि पाई है। व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) ने सेना के लिए अगली पीढ़ी का स्वदेशी लाइट आर्म्ड मल्टीपरपज व्हीकल (LAMV) का मॉडल विकसित किया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह हल्का बख्तरबंद वाहन दुर्गम इलाकों से लेकर शहरी युद्ध के मैदान तक सेना के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी खासियत है कि इसमें जवानों की सुरक्षा के साथ तेज रफ्तार, अधिक भार ढोने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में बेहतर मूवमेंट का विशेष ध्यान रखा गया है।

आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड (एवीएनएल) की इकाई वीएफजे ने इसे आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया है। वाहन के अधिकांश कलपुर्जे देश में ही तैयार किए जा रहे हैं। सेना की जरूरतों और भविष्य के युद्ध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखकर इसका डिजाइन तैयार किया गया है।

लेह-लद्दाख में परखी जा रही क्षमता

LAMV की असली परीक्षा देश के सबसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में हो रही है। फैक्ट्री सूत्रों के मुताबिक, वाहन का फील्ड ट्रायल लेह-लद्दाख के दुर्गम और अत्यधिक ठंडे इलाकों में किया गया है। यहां माइनस तापमान, कम ऑक्सीजन वाली पतली हवा, बर्फीले रास्तों और पथरीली चढ़ाइयों पर इसकी क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है। इन परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विषम परिस्थितियों में भी वाहन सेना की जरूरतों पर खरा उतर सके।

450 बीएचपी इंजन, 100 किमी की रफ्तार

LAMV को हाई-मोबिलिटी 4x4 आर्मर्ड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसे सैनिकों की आवाजाही, दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी और शहरी युद्ध जैसे अभियानों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसकी प्रमुख तकनीकी खूबियां इसे सामान्य सैन्य वाहनों से अलग बनाती हैं।

वाहन की प्रमुख खूबियां

- इंजन: 450 बीएचपी क्षमता वाला दमदार इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन।
- अधिकतम रफ्तार: 100 किलोमीटर प्रति घंटा।
- पेलोड क्षमता: 1,500 किलोग्राम तक भार ले जाने में सक्षम।
- सैनिक क्षमता: चालक सहित चार जवान (2+2)।
- डिजाइन: पांच दरवाजे, ताकि ऑपरेशन के दौरान जवान तेजी से वाहन में प्रवेश और बाहर निकल सकें।
- सस्पेंशन: आगे और पीछे डबल विशबोन इंडिपेंडेंट सस्पेंशन।
- ब्रेकिंग सिस्टम: एबीएस के साथ डुअल फेल-सेफ ब्रेक।

गोलियों से लेकर बारूदी सुरंगों तक से सुरक्षा

इस स्वदेशी वाहन की सबसे बड़ी खासियत इसका सुरक्षा कवच है। इसे एडवांस सर्वाइवल और युद्धक्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें मॉड्यूलर बैलिस्टिक प्रोटेक्शन के साथ अंडर-हल ब्लास्ट रेजिस्टेंस दिया गया है। इससे जवानों को गोलीबारी के अलावा जमीन के नीचे लगाए गए बारूदी विस्फोटकों और आईईडी के धमाकों से भी सुरक्षा मिल सकेगी।

वाहन में लेवल-1 प्रोटेक्शन दिया गया है, जो 7.62 एमएम तक की गोलियों को रोकने में सक्षम होगा। इसके अलावा रेडियो सेट, गोला-बारूद, रॉकेट लॉन्चर और इंसास राइफल रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई गई है। इससे सैन्य टुकड़ियां जरूरी उपकरणों के साथ लंबे समय तक ऑपरेशन कर सकेंगी।

यह भी पढ़ें- नरसिंहपुर: मिड-डे मील में परोसी खीर-पूरी खाने से 45 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

शक्तिमान ट्रक से LAMV तक, वीएफजे की लंबी छलांग

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी। शक्तिमान ट्रक, जोंगा और एक टन क्षमता वाले वाहनों के निर्माण से शुरू हुआ सफर आज स्टालियन ट्रक, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल और बुलेटप्रूफ वाहनों तक पहुंच चुका है। LAMV को इसी तकनीकी विरासत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।