जबलपुर बोट हादसा: येलो अलर्ट के बावजूद चली नाव, लाइफ जैकेट डेक में बंद... कैसे डूबी 'नर्मदा क्वीन'; पूरी टाइमलाइन
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बर्गी बांध पर 'नर्मदा क्वीन' नाव हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें
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तूफान में डूबी टूरिस्ट नाव, यात्रियों को नहीं पहनाए गए लाइफ जैकेट (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बर्गी बांध पर हुए नाव हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 'नर्मदा क्वीन' नाम की इस टूरिस्ट नाव को मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बावजूद चलने की अनुमति दी गई। हादसे में अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं।
बचकर निकले लोगों का कहना है कि नाव पर सवार किसी भी यात्री को पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। लाइफ जैकेट नाव के निचले हिस्से में रखी थीं और जब हालात बिगड़े तब उन्हें निकालने की कोशिश की गई, जिससे भगदड़ मच गई।
यह नाव मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की थी, जो 2006 से संचालित हो रही थी। हादसे के समय इसमें 40 से ज्यादा यात्री सवार थे, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार 29 टिकट जारी किए गए थे।
कैसे हुआ हादसा?
शाम 5:.30 बजे: नाव 'नर्मदा क्वीन' 43 यात्रियों के साथ रवाना हुई।
शाम 5.50 से 6.00 बजे: खमरिया द्वीप के पास अचानक मौसम खराब हुआ। आसमान काला हो गया, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और 4-5 फीट ऊंची लहरें उठने लगीं। नाव असंतुलित हो गई और पानी अंदर भरने लगा।
शाम 6.13 से 6.30 बजे: नाव बर्गी बांध के पास नहर क्षेत्र में डूब गई। स्थानीय लोग और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और 28 लोगों को बचाया।
रात 8 बजे: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान संभाला।
रात 10 बजे: गोताखोरों ने गैस कटर की मदद से डूबी नाव को खोलकर अंदर फंसे लोगों को निकालना शुरू किया। शुक्रवार सुबह नाव को किनारे लाया गया।
शुक्रवार शाम तक 5 शव बरामद किए गए, जबकि 5 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 4 बच्चे और एक महिला शामिल हैं।
यात्रियों के आरोप?
बचे हुए यात्री राजेश सोनी ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद नाव को चलाना बड़ी चूक है। उन्होंने बताया कि हालात बिगड़ने के बाद ही लाइफ जैकेट निकालने की कोशिश की गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
संगीता कोरी ने भी कहा कि शुरुआत में किसी को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब पानी भरने लगा तब उन्हें बांटने की कोशिश हुई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नाव पलट गई।
कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि पायलट और क्रू ने पहले ही नाव छोड़ दी थी, हालांकि पायलट महेश पटेल ने इसे खारिज करते हुए कहा कि लोग एक जगह जमा हो गए, जिससे नाव असंतुलित हो गई और कुछ ही सेकंड में डूब गई।
जांच है जारी
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार के लिए भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का येलो अलर्ट पहले ही जारी किया गया था। इसके बावजूद नाव को चलने दिया गया। नाव की हालत को लेकर अधिकारियों ने कहा कि इसका रखरखाव पिछले साल अक्टूबर में किया गया था और यह अच्छी स्थिति में थी।
