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बरगी बांध क्रूज हादसे के रेस्क्यू हीरो: जान जोखिम में डाल कई जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लाए

Published: Sun, 03 May 2026 09:40 AM (IST)

बरगी बांध क्रूज हादसे में श्रमिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई जिंदगियां बचाईं। मुख्यमंत्री ने इन बहादुर रेस्क्यू ...और पढ़ें

बरगी बांध क्रूज हादसे के रेस्क्यू हीरो(फोटो: पीटीआई)

बरगी बांध क्रूज हादसे के रेस्क्यू हीरो(फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरा दुख दिया, वहीं कुछ साधारण श्रमिकों की असाधारण बहादुरी ने इंसानियत की मिसाल भी कायम की। ये वही लोग हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लाए। इन रेस्क्यू हीरोज की कहानी साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनाओं से भरी हुई है।

बिहार निवासी विवेक पटेल, जो जल जीवन मिशन के तहत निर्माण कार्य में लगे हुए थे, इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी हैं। वह अपने साथियों के साथ निर्माणाधीन इंटकवेल (घटनास्थल के समीप) के ऊपर काम कर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि एक क्रूज तेज हवाओं के बीच असंतुलित होकर उनकी ओर बढ़ रहा है।

बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर बचाए जान

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विवेक और उनके साथियों ने चिल्लाकर पायलट को क्रूज किनारे लाने के लिए कहा। उनका मानना था कि यदि क्रूज किनारे तक आ जाता, तो हादसा होने की स्थिति में भी सभी यात्रियों को आसानी से बचाया जा सकता था, लेकिन पायलट क्रूज को बांध के भीतर की ओर ले गया। कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए और क्रूज डूबने लगा।

यह देखकर विवेक ने तुरंत अपने साथियों को बुलाया और बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर दिया। सभी श्रमिकों ने एक-दूसरे की कमर में रस्सी बांधी, ताकि तेज बहाव में कोई बह न जाए और फिर पानी में उतर गए। इन बहादुर श्रमिकों ने न सिर्फ कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि क्रूज के पायलट को भी बचा लिया।

हालांकि, इस हादसे में 11 पर्यटकों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस कठिन परिस्थिति में भी श्रमिकों ने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक बचाव कार्य में जुटे रहे।

जान बचाने के लिए नहीं की अपनी जान की परवाह

श्रमिकों ने अदम्य साहस का परिचय देकर साबित कर दिया कि असली हीरो वही होते हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते। इन श्रमिकों की बहादुरी हमेशा याद रखी जाएगी। सीएम ने इन सभी के लिए 51-51 हजार रुपये के प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है।

ये हैं असली हीरो-विवेक पटेल (मैनेजर), नमन बाजपेई (साइट इंजीनियर), शशि रंजन मालाकार (इलेक्ट्रीशियन), बीरेंद्र यादव (सुपरवाइजर), सागर कुमार गुप्ता, राजेश यादव, छोटू राय, उपेन्द्र राय, फेंकू राय, राजेश साहनी, अरविन्द यादव, राजाराम, प्रद्युम्न यादव, संतोष, भुवन, संजय, साहिदुल, इब्राहिम, रमजान, मनोरुद्दीन, सम्राट, नूरेसलाम।

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