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राजा रघुवंशी हत्याकांड : 10 माह बाद सोनम को सशर्त जमानत, शिलांग में ही रहेगी, हर सुनवाई पर कोर्ट में देनी होगी हाजिरी

Published: Tue, 28 Apr 2026 04:32 PM (IST)Updated: Tue, 28 Apr 2026 08:21 PM (IST)

इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मुख्य आरोपित और मृतक की पत्नी सोनम ...और पढ़ें

राजा रघुवंशी मर्डर केस में पत्नी सोनम को मिली जमानत (फाइल फोटो)

राजा रघुवंशी मर्डर केस में पत्नी सोनम को मिली जमानत (फाइल फोटो)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित व मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी (25 वर्ष) को मेघालय की राजधानी शिलांग के सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। हालांकि इसके लिए अदालत ने यह शर्त भी लगाई है कि वह बिना अनुमति शिलांग नहीं छोड़ सकेगी और प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित रहेगी। न्यायालय ने सोनम की गिरफ्तारी प्रक्रिया में पुलिस की खामियों को आधार मानकर जमानत दी है।

10 माह से जेल में है सोनम

सोनम के पिता देवीलाल रघुवंशी और मामा ने मंगलवार को इंदौर से शिलांग पहुंचकर मुचलका की धनराशि जमा कर दी। संभवत: बुधवार को सोनम की जेल से रिहाई संभव है। बता दें कि सोनम 10 महीने से शिलांग जेल में बंद है।

इस आधार पर मिली जमानत

न्यायालय ने पाया कि सोनम की गिरफ्तारी के आधार पुलिस ने प्रभावी तरीके से नहीं बताए। हत्या के मामले की बीएनएस की धारा 103 का स्पष्ट उल्लेख भी दस्तावेजों में नहीं पाया गया। पाया गया कि गिरफ्तारी के आधारों की स्पष्ट जानकारी न मिलने से आरोपित अपने बचाव की कानूनी तैयारी प्रभावी ढंग से नहीं कर सकी।

इसे न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत आरोपित के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना और अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों का संदर्भ देते हुए जमानत आदेश में कहा है कि गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी देना अनिवार्य है और इसके उल्लंघन की स्थिति में जमानत दी जा सकती है, चाहे मामला गंभीर ही क्यों न हो। न्यायालय ने प्रकरण की पुलिस जांच में सुस्ती भी पाई। पाया कि अभी तक 90 में से सिर्फ चार गवाहों के ही बयान हुए हैं।

पिछले साल जून में हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि सोनम नौ जून 2025 से न्यायिक हिरासत में थी, जबकि 90 गवाहों में से अब तक केवल चार के ही बयान दर्ज हो सके हैं। सप्लीमेंट्री चार्जशीट के कारण सुनवाई भी प्रभावित हुई। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपित को अनिश्चित अवधि तक जेल में रखना उचित नहीं है। वहीं, राजा रघुवंशी के स्वजन ने सोनम को जमानत पर निराशा जताई है।

जमानत की ये हैं शर्तें

  • सोनम शिलांग की सीमा बिना अनुमति नहीं छोड़ेगी।
  • प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित रहना होगा।
  • गवाहों को प्रभावित करने की किसी प्रकार की कोई कोशिश और साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगी।
  • पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगी।
  • 50 हजार रुपये का निजी मुचलका और दो जमानती के आधार पर जमानत।

पति का खाई में मिला था शव, लापता हो गई थी सोनम

बता दें कि पिछले वर्ष 2025 में 11 मई को कारोबारी राजा रघुवंशी और सोनम की शादी हुई। दोनों 21 मई को हनीमून के लिए मेघालय पहुंचे थे। वहां चेरापूंजी क्षेत्र से 23 मई को राजा और सोनम लापता हो गए। 10 दिन बाद राजा का शव 30 फीट गहरी खाई से बरामद हुआ। शरीर पर धारदार हथियार के निशान थे।

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पहले राजा की मौत को लूट की घटना से जोड़ा जा रहा था, लेकिन सोनम का लापता होना बड़ी पहेली बन गया था। नौ जून को सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक ढाबे पर बदहवाश हालत में मिली। 10 जून को पुलिस उसे हिरासत में शिलांग ले गई। इसके बाद शिलांग पुलिस ने अपनी जांच के बाद चौंकाने वाला दावा किया कि सोनम रघुवंशी ने ही अपने कथित प्रेमी और नौकर इंदौर के राज कुशवाह के साथ मिलकर पति राजा की हत्या की साजिश रची।

तीन सुपारी किलर से हत्या कराने के बाद राजा का शव खाई में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस ने सोनम, राज और तीन सुपारी किलर विशाल चौहान, आकाश राजपूत व आनंद कुर्मी को गिरफ्तार किया था।