राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ : दो आरोपित निर्दोष करार; शिलांग पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। शिलांग पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार ...और पढ़ें

बहुचर्चित सोनम-राजा रघुवंशी कांड में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड के चर्चित मामले में एक नया मोड़ आया है। साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार दो लोगों को शिलांग पुलिस ने अब निर्दोष माना है। विस्तृत जांच में उनके खिलाफ न तो हत्या में सहयोग संबंधित कोई साक्ष्य मिला, न ही साक्ष्य नष्ट करने की पुष्टि हो सकी।
हालांकि, हनीमून पर इंदौर से शिलांग जाने के बाद वहां राजा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी और कथित प्रेमी राज कुशवाह और सुपारी लेकर हत्या करने के आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिका पहले ही अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने यह मामला जल्द ही ट्रायल के लिए सूचीबद्ध किए जाने के संकेत दिए हैं। इसके लिए पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
बता दें कि मेघालय में हनीमून पर राजा रघुवंशी की हत्या के बाद गिरफ्तारी से पहले सोनम इंदौर आई थी। यहां वह हीरा नगर स्थित एक आवासीय बिल्डिंग में किराए के फ्लैट में कुछ दिन रुकी थी। यहां शिलांग पुलिस ने बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को इस संदेह में हिरासत में लिया था कि उन्होंने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य छिपाए और उनके साथ छेड़छाड़ की। फ्लैट ब्रोकर शिलोम जेम्स ने किराए पर दिलवाया था।
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अब विस्तृत और गहन जांच के बाद पुलिस ने उनकी संलिप्तता से इन्कार कर दिया है। प्रारंभ में शिलांग पुलिस ने शिलोम जेम्स के साथ-साथ बलवीर और लोकेंद्र को गिरफ्तार किया था। लेकिन अब शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि प्रारंभिक परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर बलवीर और लोकेंद्र की गिरफ्तारी की गई थी, लेकिन बाद की विस्तृत जांच और सत्यापन में उन दोनों की कोई भूमिका सामने नहीं आई, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर रिहा कर दिया गया है।
सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में अब केवल एक आरोपित शिलोम के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है।
