महू में बिजली-पानी के संकट पर 500 परिवारों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतर किया चक्काजाम; लगीं वाहनों की कतारें
महू की रॉयल टाउन कॉलोनी के 500 से अधिक परिवारों ने बिजली और पानी की समस्या को लेकर महू-नीमच मार्ग ...और पढ़ें

महू में रहवासियों ने सड़क पर दिया धरना। (फोटो- जागरण)
HighLights
महू की रॉयल टाउन कॉलोनी में बिजली-पानी का संकट।
500 से अधिक परिवारों ने महू-नीमच मार्ग पर चक्काजाम किया।
अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त, स्थायी समाधान की मांग।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। महू की रॉयल टाउन कॉलोनी में बिजली और पानी की समस्या से परेशान रहवासियों का आक्रोश गुरुवार सुबह सड़कों पर उतर आया। नीमच रोड स्थित इस कॉलोनी के 500 से अधिक परिवारों ने मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के विरोध में महू-नीमच मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल बसों के साथ ही दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली गुल, पानी की भी परेशानी
कॉलोनी की रहवासी टीना जादौन सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली नहीं होने के कारण पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इससे बच्चों, महिलाओं और अन्य परिवारों को रोजमर्रा के काम निपटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी को बसे हुए करीब 17 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी उन्हें बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये तक बिजली बिल चुकाने के बावजूद नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, बिजली की समस्या को लेकर बिजली विभाग और कॉलोनाइजर से कई बार शिकायत की गई। कलेक्टर कार्यालय सहित अन्य संबंधित स्थानों पर भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। लगातार परेशानी झेल रहे रहवासियों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर विरोध जताया।

अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम
चक्काजाम की सूचना मिलते ही किशनगंज थाना पुलिस, एसडीएम राकेश परमार और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने रहवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।
हालांकि, रहवासियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। यदि जल्द बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
