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महाकाल के दरबार में अमावस्या से पहले मनेगी दीपावली, फुलझड़ियों से होंगी पांचों आरतियां; पारंपरिक पकवानों से सजेगा अन्नकूट

Published: Mon, 02 Nov 2026 05:44 PM (IST)

महाकाल मंदिर में दीपावली चतुर्दशी पर अनूठी परंपराओं और राजसी ठाठ के साथ मनाई जाएगी, जहां इस बार 8 नवंबर ...और पढ़ें

उज्जैन महाकाल मंदिर। (फाइल फोटो)

उज्जैन महाकाल मंदिर। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महाकाल मंदिर में चतुर्दशी पर अनूठी दीपावली परंपरा।

  2. भस्म आरती से शुरू होगा दीपोत्सव का उल्लास।

  3. फुलझड़ियों से होंगी पांचों आरतियां, सजेगा अन्नकूट।

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में दीपावली का पर्व अनूठी धार्मिक परंपराओं और राजसी ठाठ के साथ मनाया जाएगा। देशभर के अधिकांश मंदिरों में अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है, लेकिन महाकाल मंदिर में चतुर्दशी पर ही दीपोत्सव मनाने की परंपरा है। इस बार 8 नवंबर को चतुर्दशी और अमावस्या एक ही दिन पड़ने के कारण तड़के भस्म आरती के दौरान ही बाबा महाकाल के दरबार में दीपावली का उत्सव शुरू होगा।

तिल्ली के तेल से अभ्यंग स्नान, केसर-चंदन का लगेगा उबटन

दीपावली के दिन सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक और पूजन किया जाएगा। सबसे पहले बाबा को तिल्ली के तेल से अभ्यंग स्नान कराया जाएगा। इसके बाद पुजारी परिवार की महिलाएं केसर और चंदन का उबटन लगाकर गर्म जल और सुगंधित द्रव्यों से स्नान कराएंगी।

स्नान के बाद भगवान महाकाल का सोने-चांदी के आभूषणों से भव्य शृंगार किया जाएगा। इस दौरान राजाधिराज का दरबार विशेष वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित नजर आएगा।

गुजिया, खीर और पारंपरिक पकवानों से सजेगा अन्नकूट

दीपावली के अवसर पर बाबा महाकाल को पारंपरिक पकवानों का भोग अर्पित किया जाएगा। इसके लिए अन्नकूट सजाया जाएगा, जिसमें गुजिया, पपड़ी, खुरमे, खीर, पूड़ी, भजिया, चावल, दाल, विभिन्न सब्जियां और चटनियां शामिल होंगी। भोग के बाद श्रद्धालुओं को बाबा के इस विशेष उत्सव के दर्शन का अवसर मिलेगा।

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पांचों आरतियों में फुलझड़ियों से होगी आरती

महाकाल मंदिर की दीपावली का सबसे खास आकर्षण फुलझड़ियों से होने वाली आरती होगी। सुबह से लेकर रात तक होने वाली पांचों आरतियों में फुलझड़ियां जलाई जाएंगी। दीपों और फुलझड़ियों की रोशनी से बाबा महाकाल का पूरा दरबार जगमगा उठेगा।

इस तरह महाकाल मंदिर में तड़के ही दीपावली का उल्लास छा जाएगा, जबकि शाम को उज्जैन के नगरवासी अपने घरों में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाएंगे।

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