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खरगोन में अंतिम संस्कार की जगह को लेकर भिड़े दो पक्ष, शव रखा रहा...जमकर हुआ पथराव, पुलिसकर्मी समेत 8 घायल

Published: Tue, 03 Feb 2026 04:07 PM (IST)

खरगोन के मंडलेश्वर स्थित सुलगांव में 90 वर्षीय वृद्धा के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। ...और पढ़ें

दाह संस्कार को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प। (प्रतीकात्मक चित्र)

दाह संस्कार को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प। (प्रतीकात्मक चित्र)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, इंदौर। खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा तट स्थित ग्राम सुलगांव में 90 वर्षीय वृद्धा के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। अंतिम संस्कार स्थल के पास रहने वाले वर्ग विशेष और कुछ अन्य लोगों ने घरों की छतों से पथराव शुरू कर दिया। शव अंतिम संस्कार के लिए रखा रहा और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई।

इस दौरान पुलिस जवान समेत कुल 8 लोग घायल हो गए। हालात काबू में आने के बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर 19 लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है।

इसलिए हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, गांव की निवासी गंगाबाई पाटीदार के निधन के बाद परिजन और समाजजन उनका अंतिम संस्कार करने नर्मदा तट से करीब 200 मीटर दूर वासुदेव पाटीदार की निजी जमीन (खले) पर पहुंचे थे। पाटीदार समाज का कहना है कि मुख्य श्मशान का रास्ता बेहद खराब होने के कारण वासुदेव पाटीदार ने अपनी जमीन श्मशान उपयोग के लिए दान की है।

हालांकि, जैसे ही मुखाग्नि की तैयारी शुरू हुई, पास में रहने वाले विशेष समुदाय और कुछ अन्य लोगों ने रिहायशी इलाके के समीप शव जलाने पर आपत्ति जताई। सरपंच फुलकी बाई वर्मा और ग्रामीणों का तर्क था कि अंतिम संस्कार से उठने वाला धुआं आसपास के रहवासियों के लिए परेशानी और बच्चों में भय का कारण बन सकता है।

पथराव तक पहुंचा मामला

शुरुआत में बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद जल्द ही गाली-गलौज और उग्र पथराव में बदल गया। उपद्रवियों ने छतों और गलियों से पुलिस बल व शव यात्रा में शामिल लोगों पर पत्थर बरसाए। इस दौरान बीच-बचाव करने आए पुलिस के एक जवान और ग्राम चौकीदार श्रवण पिता रणछोड़ भी घायल हो गए।

पुलिस बल तैनात

हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल 8 लोग घायल हुए, जिन्हें मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए महेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला मौके पर पहुंचीं। मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी, महेश्वर सब-इंस्पेक्टर रविन्द्र जामले और कसरावद टीआई राजेंद्र बर्मन को भारी पुलिस बल के साथ तैनात किया गया। कड़े पुलिस पहरे के बीच ही विवादित स्थल पर अंतिम संस्कार कराया गया।

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दोनों पक्षों पर क्रॉस एफआईआर

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। पहले पक्ष की ओर से अलोक पाटीदार की रिपोर्ट पर पीरू पठान, अमजद पठान, अकलीम खान, शाकिर खान, साहिल खान, हकीम पठान, आमीर पठान, इरशाद खान उर्फ मनिया, असलम खान, शांतिलाल मेवाड़े, गणेश वर्मा, राजू वर्मा और प्रेमचंद वर्मा समेत 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इस पक्ष से अलोक और वासुदेव पाटीदार घायल हुए हैं।

वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर वासुदेव पाटीदार, गीरजेश दरबार, दीपक पाटीदार, कपिल पाटीदार, अलोक पाटीदार और राघव पाटीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पक्ष से आमिर खान (सिर में चोट) सहित शाहीन, सुमन बाई, सुभद्राबाई, गेन्दुबाई, गुलाबबाई, मनुबाई और तस्लीन को मामूली चोटें आई हैं।