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भोजशाला से CM मोहन का बड़ा ऐलान: महाकाल लोक की तर्ज पर बनेगा ‘सरस्वती लोक’, राजा भोज शोध संस्थान भी होगा स्थापित

Published: Mon, 25 May 2026 02:23 PM (IST)Updated: Mon, 25 May 2026 08:13 PM (IST)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की और मुख्यमंत्री के रूप ...और पढ़ें

भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और लंबे समय से चर्चाओं के केंद्र में रही भोजशाला सोमवार को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक क्षण की साक्षी बनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 1:30 बजे भोजशाला पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए। चारों तरफ लहराती भगवा पताका, गूंजते वैदिक मंत्रों और ‘जय मां वाग्देवी’ के उद्घोष के बीच उन्होंने भोजशाला से जुड़े विकास कार्यों और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

सरस्वती लोक बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां श्रीमहाकाल महालोक की तर्ज पर सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध संस्थान की स्थापना से राजा भोज की ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा। भोजशाला केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रतीक रही है। यहां कभी दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान अध्ययन एवं शास्त्रार्थ के लिए आते थे। सरकार इस गौरव को फिर स्थापित करने का प्रयास करेगी।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा महत्व

बता दें कि गत 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने भोजशाला को मंदिर ही मानते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को निर्देश दिया था कि हिंदू पक्ष को वर्षभर पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला एएसआई के अधीन संरक्षित स्मारक है, इसलिए विभाग की अनुमति और समन्वय से ही विकास कार्य किए जाएंगे।

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कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक नीना विक्रम वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर धार शहर में सुबह से ही उत्साह का माहौल दिखाई दिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्वागत मंच तैयार किए गए थे और बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए सड़कों पर पहुंचे। तेज गर्मी के बावजूद हजारों श्रद्धालु और समर्थक जयघोष करते नजर आए।

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लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने का होगा प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन के संग्रहालय से वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पहले भी कई भारतीय धरोहरें वापस लाई गई हैं और अब इस दिशा में भी पहल होगी।

 

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बलिदानियों के स्वजन को आर्थिक सहायता

भोजशाला आंदोलन के दौरान 18 फरवरी 2003 को अंतर सिंह बघेल, लक्ष्मण सिंह और बन सिंह की पुलिस फायरिंग में मृत्यु हो गई थी। मंदिर पक्ष ने तीनों को बलिदानी का दर्जा दिया है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने बलिदानियों के स्वजन को राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। इस दौरान तीनों बलिदानियों के स्वजन को सम्मानित किया गया।

 

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