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RTO चालान के नाम से आई APK फाइल, डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 6.56 लाख रुपये, कर्जदार भी बना दिया

Published: Mon, 02 Feb 2026 08:18 PM (IST)

ग्वालियर में एक डायलिसिस टेक्नीशियन साइबर ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने 'RTO चालान' के नाम पर एक APK ...और पढ़ें

साइबर ठगी (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर में साइबर ठगों ने एक डायलिसिस टेक्नीशियन को आरटीओ ई-चालान के जाल में फंसाकर लाखों की ठगी कर ली। ठगों ने वाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल के जरिए मोबाइल हैक किया और बैंक खाते से 6.56 लाख रुपये निकाल लिए। इतना ही नहीं, पीड़ित के नाम पर लोन भी ले लिया गया। मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई, जिसके बाद ई-जीरो एफआईआर और फिर थाने में मूल एफआईआर दर्ज की गई है।

मुरार थाना क्षेत्र के काशीपुरा निवासी शिवनारायण धाकड़, निजी अस्पताल में डायलिसिस टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत हैं। 22 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वाट्सएप मैसेज आया। मैसेज में ‘RTO चालान’ नाम की फाइल थी। उन्हें लगा कि शायद उनके वाहन का ई-चालान कटा है, इसलिए उन्होंने उस पर क्लिक कर दिया।

एपीके फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल हैक

फाइल खोलने पर वह एपीके निकली। शिवनारायण ने अपने बेटे को इसकी जानकारी दी, जिसने फाइल को डिलीट कर दिया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ ही देर बाद उनके पे-वॉलेट से करीब 90 हजार रुपये कट गए और बैंक खाते में केवल एक रुपया शेष रह गया।

जब पीड़ित बैंक पहुंचा, तो पता चला कि उसके खाते से आरटीजीएस के जरिए 4 लाख 99 हजार 900 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके बाद आईएमपीएस के जरिए 1 लाख 56 हजार 76 रुपये भी निकाल लिए गए। कुल मिलाकर खाते से 6 लाख 56 हजार 660 रुपये की निकासी हुई।

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पैसे ही नहीं, ठगों ने लोन भी निकलवाया

यहीं ठगी नहीं रुकी। साइबर ठगों ने पीड़ित के नाम पर 5 लाख रुपये का जंबो लोन और 66 हजार रुपये का इंस्टेंट लोन भी ले लिया। जब यह पूरी जानकारी सामने आई तो पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई और शनिवार रात मुरार थाने में मूल एफआईआर कायम की गई। पुलिस अब बैंक लेन-देन, मोबाइल डेटा और साइबर ट्रेल के आधार पर ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल आई थी। इसके जरिये मोबाइल हैक हुआ और खाते से रुपये निकाले गए। ठगों ने लोन भी निकाला। बैंक खाते के जरिये पड़ताल कर रहे हैं।
- सतीश यादव, एसआई, थाना मुरार