ग्वालियर में महिला बैंककर्मी ही साइबर ठगी का शिकार, क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड के नाम पर जालसाज ने 1.26 लाख रुपये उड़ाए
ग्वालियर में एक महिला बैंककर्मी साइबर ठगी का शिकार हो गईं। शातिर ठगों ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बनकर ...और पढ़ें

महिला बैंककर्मी से साइबर ठगी (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सिरोल इलाके में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी को ही शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। खुद वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी रखने के बावजूद ठगों ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बनकर महिला से 1 लाख 26 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनजान कॉल से शुरू हुई ठगी
सिरोल निवासी नेहा शर्मा मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में पदस्थ हैं और वर्तमान में थाटीपुर शाखा में कार्यरत हैं। नेहा के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। हैरानी की बात यह रही कि कॉल करने वाली भी महिला थी, जिससे भरोसा और ज्यादा बढ़ गया।
रिवॉर्ड प्वाइंट का झांसा
कॉल करने वाली महिला ने खुद को एक क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि नेहा के क्रेडिट कार्ड पर मिले रिवॉर्ड प्वाइंट जल्द रिडीम करना जरूरी है। उसने यह भी डर दिखाया कि अगर तय समय में रिवॉर्ड का उपयोग नहीं किया गया तो सभी प्वाइंट खत्म हो जाएंगे।
लिंक और ओटीपी बना ठगी का हथियार
इसके बाद ठग महिला ने एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही ओटीपी मांगा गया। भरोसे में आकर नेहा ने ओटीपी साझा कर दिया। ओटीपी मिलते ही ठगों ने खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.26 लाख रुपये निकाल लिए।
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खाते से पैसे कटे तब हुआ खुलासा
जब खाते से लगातार रकम निकलने के मैसेज आए, तब नेहा को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें, चाहे कॉल करने वाला खुद को बैंक या वित्तीय संस्था का कर्मचारी ही क्यों न बताए।
