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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP News: शिवराज सिंह ने बुलाई बैठक, 'स्‍कूल बस में बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म', दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई के निर्देश

By Priti JhaEdited By:
Published: Thu, 15 Sep 2022 10:31 AM (IST)Updated: Thu, 15 Sep 2022 10:39 AM (IST)

school bus misbehave Case मुख्‍यमंत्री शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों-पालकों तथा स्टाफ को पोक्सो एक्ट ...और पढ़ें

शिवराज सिंह ने बुलाई बैठक, 'स्‍कूल बस में बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म', दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई के निर्देश
शिवराज सिंह ने बुलाई बैठक, 'स्‍कूल बस में बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म', दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई के निर्देश

भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्‍क। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रातः सात बजे अपने निवास कार्यालय में आपात बैठक बुलाई जिसमें स्‍कूल बस में बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म मामले में दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं । मुख्यमंत्री ने कहा है कि भोपाल के एक निजी स्कूल की बस में बेटी के साथ हुई वारदात विश्वास को हिला देने वाली घटना है। माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे पर स्कूल भेजते हैं, यह भरोसा बनाए रखना स्कूल प्रबंधन का दायित्व है। दोषी ड्राइवर और आया के खिलाफ कार्यवाही के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि भोपाल के सभी स्कूलों के ड्राइवरों तथा बसों में चलने वाले स्टाफ का परीक्षण हो। इस स्टाफ के प्रशिक्षण और कानूनी प्रविधान के बारे में जागरूक करने के संबंध में कार्यशाला आयोजित की जाएं। इसके साथ ही बच्चों और पालकों में पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता और जानकारी पर केन्द्रित प्रशिक्षण सभी शासकीय और निजी शालाओं में आयोजित किए जाएं। पुलिस भी पालकों और समाज के साथ प्रभावी तरीके से इस विषय पर संवाद करें। अपराधिक रिकॉर्ड और चारित्रिक रूप से दोषी व्यक्तियों को ना रखा जाए।

शिवराज चौहान ने कहा कि बच्चों को हम दरिंदों के हवाले नहीं छोड़ सकते। स्कूल बसों में चलने वाले स्टाफ का वेरिफिकेशन स्कूल प्रबंधन की जवाबदारी है। बस में सीसीटीवी कैमरे काम क्यों नहीं कर रहे थे, यह स्कूल प्रबंधन को देखना चाहिए था। यह स्कूल प्रबंधन का दायित्व है। समाज में यह संदेश नहीं जाए कि प्रभावशाली व्यक्तियों पर कार्रवाई नहीं होगी। यह विश्वास मजबूत होना चाहिए कि सरकार है तो अपराधी छूटेंगे नहीं, निश्चित समय में कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि प्रबंधन अपनी जवाबदारी और दायित्व समझे।

वहीं, बैठक में पुलिस आयुक्त ने घटना तथा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि बस के अन्य बच्चों तथा उनके पालकों को विश्वास में लेकर यह जानने की कोशिश भी की जा रही है कि किसी अन्य के साथ इस प्रकार की घटना तो नहीं हुई है।

मालूम हो कि इस बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा , भोपाल संभाग आयुक्त , पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्‍कर, कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।