3 से 5 लाख में बच्चियों की खरीद, 40 लाख तक में बिक्री का दावा; लड़कियों की तस्करी में NHRC ने MP समेत तीन राज्यों से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश और राजस्थान से महाराष्ट्र में बच्चियों की तस्करी पर स्वतः संज्ञान लिया है। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
NHRC ने बच्चियों की तस्करी पर स्वतः संज्ञान लिया।
मध्य प्रदेश, राजस्थान से महाराष्ट्र में बच्चियों की बिक्री।
आयोग ने तीन राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से महाराष्ट्र में बच्चियों को ले जाकर बेचे जाने की बात सामने आने पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेकर जांच प्रारंभ की है। आयोग ने तीनों राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशकों से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसमें वस्तुस्थिति, पुलिस द्वारा पकड़े गए मामले, रोकने के प्रयास आदि की जानकारी मांगी गई है। पिछले माह मीडिया में आई खबरों के आधार पर आयोग ने संज्ञान लिया है।
3 से पांच लाख में बच्चियों को खरीदने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं से लगे कई जिलों में माता-पिता अपनी नाबालिग बेटियों को बिचौलियों को तीन से पांच लाख रुपये में बेच रहे हैं। इसके बाद, बिचौलिए इनके झूठे दस्तावेज के आधार पर अपना 'गोद लिया हुआ बच्चा' बताकर उनकी तस्करी करते हैं।
जब ये लड़कियां बड़ी हो जाती हैं, तो उनकी पहचान छुपाने के लिए उनके निजी विवरण बदल दिए जाते हैं और उन्हें महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में यौन व्यापार के लिए 35 लाख से 40 लाख रुपये में बेच दिया जाता है।
रिपोर्ट में कुछ मामलों का भी उल्लेख बिना पहचान दिए किया गया है। आयोग का मानना है कि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सच है, तो यह पीड़ित बच्चियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है।
मप्र से गायब 2600 बच्चियों को नहीं खोज पाई पुलिस
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा की रिपोर्ट के अनुसार 2600 बालिकाएं 10 वर्ष से गायब हैं, पर पुलिस उन्हें खोज नहीं पाई है।