MP में चीतों का तीसरा बसेरा बना नौरादेही, CM मोहन ने ‘व्योम-नीरा’ को किया रिलीज; अगले माह आएंगे 2 और चीते
मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में चीतों का तीसरा घर बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्वारंटाइन बाड़े में चीतों को मुक्त किया। (सौजन्य- जनसंपर्क)
HighLights
नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा घर बना।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'व्योम' और 'नीरा' चीतों को बाड़े में छोड़ा।
15 दिन निगरानी के बाद इन चीतों को बड़े बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, सागर। मध्य प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में बुधवार का दिन अहम रहा। कूनो नेशनल पार्क और गांधीसागर अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) प्रदेश में चीतों का तीसरा घर बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 अक्टूबर को नौरादेही में कूनो से लाए गए नर चीता "थोलो" और मादा "सीसीबी-3” को क्वारंटाइन बाड़े में मुक्त किया। नर चीता थोलो को अब व्योम कहा जाएगा। वहीं मादा सीसीबी-3 अब नीरा कही जाएगी।
मुख्यमंत्री ने वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह के दौरान दोनों चीतों को नए आवास में छोड़ा। उन्होंने कहा कि अगले महीने नौरादेही में दो और चीते लाए जाएंगे। इसके बाद यहां चीतों की संख्या चार हो जाएगी और इनके कुनबे के विस्तार की उम्मीद बढ़ेगी।
15 दिन बाद बड़े बाड़े में जाएंगे चीते
कूनो से लाए गए दोनों चीतों को फिलहाल क्वारंटाइन बाड़े में रखा गया है। करीब 12 से 15 दिन निगरानी के बाद इन्हें 439 एकड़ में बने विशेष बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा। इस बाड़े की ऊंचाई करीब 14 फीट है और यहां चीतों के प्राकृतिक शिकार के लिए पर्याप्त संख्या में शाकाहारी वन्यजीव मौजूद हैं।
नौरादेही में चीतों के साथ पहले से बाघ भी मौजूद हैं। यही वजह है कि यह क्षेत्र कूनो और गांधीसागर से अलग पारिस्थितिक वातावरण वाला चीता आवास माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार करीब 170 साल बाद इस क्षेत्र में चीते दोबारा दिखाई देंगे।

MP में चीता आबादी 60 तक पहुंची
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश से शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट ने अब नया पड़ाव हासिल किया है। प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 60 हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियां वन्यजीवों के लिए अनुकूल हैं। प्रदेश में देश के सबसे अधिक बाघ हैं और गिद्धों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। चंबल में घड़ियाल और नर्मदा में मगरमच्छ जैसे वन्यजीव संरक्षण के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन की कमाई में हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों के हितों का ध्यान रखना भी सरकार की प्राथमिकता है। अभयारण्यों में पर्यटन से इस वर्ष करीब 80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसमें से लगभग 20 करोड़ रुपये आसपास के ग्रामीणों को वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बफर जोन में रहने वाले लोग अपने घरों को होम स्टे में बदलकर पर्यटन से आय अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से दो से तीन लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए समितियों के माध्यम से दूध की खरीदी कर किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
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नौरादेही में चीता और बाघ साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो और गांधीसागर में चीतों के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जबकि नौरादेही में बाघ और चीते दोनों मौजूद रहेंगे। इससे यहां का इको-सिस्टम और अधिक विविधतापूर्ण होगा। चीतों की मौजूदगी से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एशिया से विलुप्त हो चुके चीतों की दोबारा बसाहट में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब नौरादेही में इनकी मौजूदगी से राज्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ेगा।
कांग्रेस पर कसा तंज
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री को 'टाइगर' बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का प्रभाव दुनिया में बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि देश में आज सकारात्मक माहौल है, लेकिन सत्ता से बाहर हुए लोग इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा कि सभी को सद्बुद्धि मिले।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गिद्ध संख्या आकलन-2026 रिपोर्ट जारी की और बुंदेली भाषा में तैयार की गई ‘वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
