MP में SIR के बाद अब SSR की तैयारी, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने 12 नवंबर से लिए जाएंगे आवेदन
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अभियान शुरू हो रहा है, जिसके तहत 12 नवंबर से ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची।
दावे-आपत्तियों के लिए 11 दिसंबर तक का समय।
4 जनवरी को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) होगा। एक जनवरी 2027 की पात्रता तिथि के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी। इस पर 11 दिसंबर तक दावे-आपत्तियां ली जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार जनवरी 2027 को किया जाएगा। उधर, आयोग के निर्देश पर प्रदेश में सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
2027 में 18 साल पूरे करने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन
भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को दिए निर्देश में कहा है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर करना है। इसमें ऐसे युवा भी शामिल होंगे, जो एक जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं। इसके अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले भावी मतदाताओं से भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे।
इन आवेदनों का निराकरण संबंधित तिमाही में किया जाएगा। दो नवंबर तक मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनर्व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नए केंद्र बनाने से पहले मौजूदा केंद्रों और उनके भवनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
नाम जोड़ने और सुधार के लिए अलग-अलग प्रपत्र
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म छह, विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए फार्म-छह ए और नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए फार्म सात का उपयोग होगा। पते में बदलाव, विवरण में सुधार, मतदाता पहचान पत्र बदलने और दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित कराने के लिए फार्म आठ भरना होगा।आवेदन ऑनलाइन वोटर सर्विस पोर्टल या ईसीआईनेट एप के माध्यम से भी किए जा सकेंगे।
किसी मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने के प्रस्ताव या एक ही व्यक्ति द्वारा पांच से अधिक मामलों में आपत्ति दर्ज कराने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जांच करनी होगी।
