MP में बैगा, सहरिया व भारिया जनजाति की महिलाएं लाडली बहना योजना के लाभ से वंचित, पूर्व विधायक ने हाई कोर्ट में लगाई याचिका
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर की याचिका, बुधवार को होगी सुनवाई। बालाघाट दौर के ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
बैगा, सहरिया, भारिया जनजाति को लाडली बहना योजना का लाभ नहीं।
विशेष आहार अनुदान के कारण योजना से वंचित, 5 लाख महिलाएं प्रभावित।
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया को लाडली बहन योजना का लाभ नहीं मिलता है। सरकार इन्हें विशेष आहार अनुदान डेढ़ हजार रुपये देती है। इस आधार पर लाडली बहन योजना का लाभ नहीं दिया जाता है। पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने इसे लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बालाघाट प्रवास के दौरान इस विषय को उठाया था।
करीब पांच लाख महिलाओं के प्रभावित होने का दावा
सकलेचा का कहना है कि बैगा जनजाति की महिलाओं को लाडली बहन योजना का लाभ नहीं मिलता है। 15 जिलों के 53 विकासखंड में इन परिवारों को 2017-18 से आहार अनुदान के तहत बच्चों के पोषण के लिए 1,500 प्रतिमाह मिल रहे हैं। प्रशासनिक सुविधा के लिए यह राशि महिला मुखिया के खाते में जाती है। इसी को आधार मान कर लगभग पांच लाख महिलओ को लाड़ली बहना से अपात्र मान लिया गया।
जबकि, दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग है। आहार अनुदान बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए परिवार को दिया जाता है। उधर, लाड़ली बहना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और पोषण के लिए है। एक योजना का लाभ दूसरे हक को काटने का आधार नहीं बन सकता।
बैगा परिवारों की संख्या घटने पर भी सवाल
सकलेचा ने बैगा समुदाय की आबादी और परिवारों की संख्या में कमी का मुद्दा भी उठाया है। उनके अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में बैगा आबादी 4.15 लाख थी। वर्ष 2019 में 82,258 बैगा परिवार थे, जो 2025 में घटकर 72,788 रह गए। छह वर्षों में करीब 9,500 परिवार कम हो गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के 47 विधायक और छह सांसद हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी आदिवासी हैं। सभी को यह विषय उठाना चाहिए।
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सरकार ने दिया नियम का हवाला
उधर, विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में महिला एवं बाल विकास साफ कर दिया है कि योजना के प्रावधान है कि यदि किसी एक योजना में एक हजार रुपये से अधिक का लाभ मिल रहा है तो फिर लाड़ली बहना का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे में एक समय में दोनों योजनाओं का लाभ देना संभव नहीं है।
