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MP में बस यात्रियों के लिए राहत की खबर: बढ़ा हुआ किराया कम करने की तैयारी; CM मोहन बोले- परिवहन विभाग करे समीक्षा

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:34 PM (IST)

मध्य प्रदेश में हाल ही में बढ़ाए गए बस किराए की सरकार समीक्षा करेगी। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बस किराए की समीक्षा के निर्देश दिए।

  2. यात्रियों के फीडबैक के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

  3. परिवहन विभाग निजी बस ऑपरेटरों के साथ बैठक कर चर्चा करेगा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में बढ़ाए गए बस किराए को लेकर सरकार एक बार फिर समीक्षा करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अलग-अलग जिलों के प्रवास के दौरान यात्रियों से लगातार फीडबैक मिला कि किराए में हुई बड़ी वृद्धि से खासकर कमजोर वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को किराया वृद्धि का दोबारा परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि किराया तय करते समय यात्रियों के हित के साथ निजी बस ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाए। सरकार का उद्देश्य ऐसा संतुलित किराया तय करना है, जिससे आम यात्रियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े और निजी बस संचालकों को भी आर्थिक नुकसान न हो।

पांच साल बाद बढ़ाया गया बस किराया

मध्य प्रदेश में करीब पांच साल के अंतराल के बाद अगस्त में यात्री बसों के किराए में बढ़ोतरी की गई है। सामान्य बस का किराया 1.25 रुपये से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर किया गया, जबकि न्यूनतम किराया 7 से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया। अलग-अलग श्रेणी की बसों के लिए सामान्य किराए से 25 से 75 प्रतिशत तक अधिक दर निर्धारित की गई है।

नई व्यवस्था में नॉन-एसी डीलक्स बस का किराया सामान्य बस से 25 प्रतिशत, स्लीपर का 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स का 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी एसी कोच का किराया 75 प्रतिशत तक अधिक रखा गया है।

यात्रियों के फीडबैक के बाद लिया फैसला

मुख्यमंत्री इन दिनों प्रदेश के अलग-अलग जिलों के दौरे पर हैं। इस दौरान वे विकास कार्यों की समीक्षा के साथ आम लोगों और विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद भी कर रहे हैं। इसी दौरान बस किराए को लेकर कई जिलों से एक जैसा फीडबैक मिलने के बाद उन्होंने परिवहन विभाग को मौजूदा दरों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

सरकार के सामने अब चुनौती यात्रियों को राहत देने के साथ निजी बस संचालकों के हितों को भी सुरक्षित रखने की है। किराए में किसी भी बदलाव से पहले ऑपरेटरों की लागत और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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निजी बस ऑपरेटरों से होगी चर्चा

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद परिवहन विभाग किराया युक्तियुक्तकरण को लेकर कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसके तहत मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन और निजी बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। ऑपरेटरों से सुझाव लेकर ऐसा फार्मूला तैयार करने की कोशिश होगी, जिससे यात्रियों और बस संचालकों दोनों के हितों में संतुलन बनाया जा सके।

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हो चुकी है। पहले चरण में सात शहरों में निजी ऑपरेटरों के जरिए बस सेवा शुरू की गई है और सरकार इसकी निगरानी कर रही है।

अब यदि निजी बसों के किराए का भी युक्तियुक्तकरण होता है तो प्रदेश में सड़क परिवहन से जुड़े यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।