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'सोने की ईंटों' पर मप्र विधानसभा में सियासी तकरार, परिवहन विभाग में अवैध वसूली को लेकर सरकार व विपक्ष आमने-सामने

Published: Fri, 27 Feb 2026 02:16 PM (IST)

विधानसभा में परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान 'सोने की ईंटों' के मामले और अवैध वसूली को ...और पढ़ें

मप्र विधानसभा भवन। (फाइल फोटो)

मप्र विधानसभा भवन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. परिवहन विभाग में 'सोने की ईंटों' मामले पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।

  2. चेक पोस्ट पर अवैध वसूली के आरोपों पर मंत्री ने दिया जवाब।

  3. उच्च शिक्षा में डिजिटल मूल्यांकन और अतिथि विद्वानों पर भी चर्चा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने 'सोने की ईंटों' के मामले को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब सोने की ईंटें निकलने जैसी बात सामने आ रही है, तो परिवहन विभाग में सख्ती जरूरी है। जवाब में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जरूरत से ज्यादा सख्ती संभव नहीं, विभाग को भी सुचारु रूप से चलाना होता है।

चर्चा की शुरुआत चेक पोस्ट व्यवस्था से हुई। उमंग सिंघार ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चेक पोस्ट बंद करने की बात कही थी। कागजों में तो चेक पोस्ट बंद दिखाए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध वसूली जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इसका प्रमाण हैं, जिन पर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

परिवहन मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद गडकरी का ऐसा कोई पत्र नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएसटी और ओवरलोडिंग की जांच के लिए चेक पोस्ट सिस्टम जरूरी है। विभाग में विसंगतियां दूर की जा रही हैं, लेकिन लगभग 18 प्रतिशत कर्मचारी पहले ही निलंबित या लाइन अटैच हैं, इससे अधिक सख्ती फिलहाल संभव नहीं।

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ग्वालियर–जबलपुर में ‘सुपर 100’ की तैयारी

स्कूल शिक्षा विभाग पर चर्चा के दौरान मंत्री उदय प्रताप सिंह ने ग्वालियर और जबलपुर में ‘सुपर 100’ योजना शुरू करने की तैयारी की जानकारी दी। नामांकन दर में गिरावट के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों की क्रय क्षमता बढ़ी है, इसलिए वे निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। चर्चा के बाद उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, परिवहन, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभागों की अनुदान मांगें स्वीकृत कर दी गईं।

डिजिटल मूल्यांकन पर फोकस : परमार

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में डिजिटल वैल्यूएशन पर तेजी से काम हो रहा है। कई विश्वविद्यालयों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे परीक्षा परिणाम समय पर घोषित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4017 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं और हरियाणा की नीति का अध्ययन कर उसी अनुरूप समाधान निकाला जाएगा।

परमार ने यह भी बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में भ्रमवश संचालित इलेक्ट्रो होम्योपैथी विषय को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। आयुर्वेद को शोध से जोड़ने के लिए पतंजलि संस्थान के साथ एमओयू किया गया है। आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बालाघाट और मंडला में रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाएंगे।