MP में 9वीं-11वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर, थाने में रखे जाएंगे प्रश्नपत्र, मूल्यांकन भी होगा सख्त
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं अब बोर्ड पैटर्न पर आयोजित होंगी। प्रश्नपत्रों को ...और पढ़ें

कक्ष में परीक्षा देते परीक्षार्थी (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, भोपाल। सरकारी स्कूलों की नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं को इस बार पूरी तरह बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा। परीक्षा संचालन से लेकर मूल्यांकन तक कड़ी सावधानियां बरती जा रही हैं, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा भी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा जैसी होगी और इन्हें थानों में सुरक्षित रखा जाएगा।
नौवीं और 11वीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और केंद्राध्यक्षों के माध्यम से ये प्रश्नपत्र संबंधित स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे। परीक्षा वाले दिन ही केंद्राध्यक्ष की निगरानी में प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे।
पुलिस निगरानी में प्रश्नपत्र वितरण
परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले पुलिस थाने से प्रश्नपत्रों के बंडल निकाले जाएंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र वितरित किए जाएंगे। यह व्यवस्था प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए की गई है।
सरकारी स्कूलों की नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू होकर 17 मार्च तक चलेंगी। इस दौरान प्रदेश भर में करीब 20 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। मूल्यांकन कार्य 23 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा और परिणाम भी शीघ्र घोषित किए जाएंगे।
समय से पहले पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र
परीक्षा का समय दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर आधा घंटा पहले अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा।
चार सेट में तैयार किए गए प्रश्नपत्र
बोर्ड परीक्षा की तरह इस बार सभी विषयों के प्रश्नपत्र चार सेट में तैयार किए गए हैं। इनमें भाग ए, बी, सी और डी शामिल होंगे। विद्यार्थियों को रोटेशन के आधार पर प्रश्नपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे नकल की संभावना कम होगी।
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उत्कृष्ट विद्यालय बनेंगे मूल्यांकन केंद्र
मूल्यांकन प्रक्रिया को भी व्यवस्थित बनाने के लिए हर जिले के उत्कृष्ट विद्यालयों को समन्वयक केंद्र बनाया गया है। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्राध्यक्ष अपनी निगरानी में उत्तरपुस्तिकाएं इन उत्कृष्ट विद्यालयों में जमा कराएंगे। इसके बाद विकासखंड स्तर पर उपकेंद्रों में माशिमं की अंक योजना के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा।
प्रश्नपत्र बहुप्रसारित ना हो, इसके लिए इस बार प्रश्न पत्रों को बोर्ड परीक्षा की तरह ही थानों में रखवाया गया है।
- डीएस कुशवाहा, अपर संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय
