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MP में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने तलाशा 'शिकार' पहचानने का नया तरीका, सरकारी पोर्टलों से निकाल रहा धनाढ्यों की कुंडली

Published: Fri, 27 Mar 2026 06:42 PM (IST)

मध्य प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गिरोह ने रंगदारी के लिए नया तरीका अपनाया है। वे अब सरकारी ...और पढ़ें

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की मप्र में बढ़ी सक्रियता।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की मप्र में बढ़ी सक्रियता।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में सक्रिय हुए लारेंस बिश्नोई और उसके करीबी हैरी बॉक्सर गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब पुराने तरीकों को छोड़कर सरकारी पोर्टलों के जरिये अमीर लोगों को चिह्नित कर उन्हें 'शिकार' बना रहा है।

सरकारी पोर्टल से जुटा रहे ‘टारगेट’ का डेटा

पुलिस गिरफ्त में आए तीन आरोपितों ने बताया है कि गिरोह के सदस्य जीएसटी और रेरा (रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी) जैसे सरकारी पोर्टलों से धनाढ्य लोगों की जानकारी निकाल रहे हैं। ये पोर्टल किसी भी व्यवसायी के टर्नओवर, कंपनी के प्रमोटरों के नाम, घर का पता और उनके प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी देते हैं। इससे उसका आर्थिक आधार पता चल जाता है।

विदेश से ऑपरेशन, जेल से भी कंट्रोल

इस डाटा के माध्यम से गिरोह संचालित कर रहे हैरी बॉक्सर (जो विदेश से सक्रिय बताया जा रहा है) और अजमेर की जेल में बंद रितिक बॉक्सर कारोबारियों को चिह्नित करते हैं। फिर उनसे फोन पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी जाती है। जब अपराधी कारोबारी के परिवार या स्टाफ की निजी जानकारी साझा करता है, तो वह डर जाता है। उसे लगता है कि उसकी हर पल निगरानी हो रही है।

एक माह में छह मामले

बता दें, इस गिरोह की रंगदारी को लेकर मध्य प्रदेश में एक महीने में पांच जिलों में छह एफआइआर दर्ज की गई हैं। गुरुवार को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है।

इंटरनेट मीडिया से किशोरों की भर्ती

जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गिरोह विशेष रूप से राजस्थान के 15 से 19 वर्ष के किशोरों को भर्ती कर रहा है। इंटरनेट मीडिया पर गैंग्स्टरों की आकर्षक लाइफस्टाइल देखकर ये युवा अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित होते हैं।

अशोकनगर में पकड़ा गया 19 वर्षीय मनीष जांगिड़ इसका उदाहरण है। उसे पेट्रोल बम बनाने का प्रशिक्षण वीडियो कॉल से दिया गया था। कम उम्र के युवकों से यह काम कराने के पीछे गिरोह की रणनीति यह है कि पकड़े जाने पर उन्हें जल्द जमानत मिल जाए।

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रंगदारी के लिए फोन के मामले बढ़े

एक महीने में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, अशोकनगर और खरगोन में रंगदारी मांगने के छह बड़े मामले सामने आए हैं। खरगोन के व्यापारी दिलीप राठौर के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसकी जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर ने ली थी।

बदलती क्राइम टेक्निक से बढ़ी चुनौती

अशोकनगर के एसपी राजीव मिश्रा के अनुसार पुलिस ने अब तक तीन गुर्गों दिनेश सुथार, पवन शर्मा और मनीष जांगिड़ को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इंटरनेट मीडिया के जरिये हो रही बातचीत और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।