इंदौर में ‘लॉरेंस गैंग’ की दहशत : कॉलेज संचालक को विदेशी नंबरों से कॉल कर फिरौती की धमकी, क्राइम ब्रांच अलर्ट
इंदौर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक कॉलेज संचालक रंजन मित्तल को विदेशी नंबरों से धमकी देकर फिरौती मांगी। जांच ...और पढ़ें

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, इंदौर। शहर में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इस बार निशाने पर एक कॉलेज संचालक रहे, जिन्हें विदेशी नंबरों से कॉल और वॉयस नोट भेजकर जान से मारने की धमकी और फिरौती की मांग की गई। घटना के बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
अपोलो डीबी सिटी (निपानिया) निवासी रंजन मित्तल पिपल्याकुमार क्षेत्र में कॉलेज संचालित करते हैं। उन्हें 7 फरवरी को पहला कॉल आया था। कॉल अनदेखा करने पर आरोपियों ने वॉयस नोट भेजकर फोन उठाने के लिए धमकाया। अगले ही दिन फिर से संदेश भेजकर मित्तल और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई और पैसों की मांग रखी गई। इस्तेमाल किए गए नंबर विदेशी बताए जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका भी गहरा गई है।
रैकी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मनीष जांगिड़ को अशोक नगर से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि वह गैंग के लिए रैकी करने और धमकी पहुंचाने का काम करता था। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट उससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ऑपरेशन के तरीके को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
एक नंबर, कई टारगेट
जांच में खुलासा हुआ है कि जिस नंबर से रंजन मित्तल को धमकी दी गई, उसी नंबर से अशोक नगर के एक अन्य कारोबारी को भी टारगेट किया गया था। इससे साफ है कि गैंग एक ही नेटवर्क के जरिए अलग-अलग शहरों में कारोबारियों को निशाना बना रही है।
क्रिप्टो के जरिए वसूली का शक
सूत्रों के मुताबिक, इंदौर के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की फिरौती वसूली जा चुकी है, जिसे दुबई के रास्ते क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ट्रांसफर किया गया। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन शिकायत दर्ज न होने से मामला और पेचीदा हो गया है।
सोशल मीडिया बना हथियार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मनीष जांगिड़ का संपर्क गैंग के शूटर हैरी बाक्सर से इंस्टाग्राम के जरिए हुआ था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उसे टारगेट चुनने, जानकारी जुटाने और धमकी पहुंचाने के निर्देश दिए जाते थे। इसके एवज में उसे ऑनलाइन भुगतान भी किया जाता था।
हमले की साजिश भी रची गई
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसे कारोबारियों की रैकी कर उनके घरों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था। अशोक नगर में एक कारोबारी के घर पेट्रोल बम फेंकने की घटना में भी उसकी भूमिका सामने आई है। इंदौर में भी इसी तरह की वारदात की योजना थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की दहशत, कारोबारियों से मांगी करोड़ों की रंगदारी
VPN और विदेशी नंबरों का जाल
साइबर जांच में पता चला है कि गैंग वीपीएन और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रही है, जिससे लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो जाता है। पुलिस अब इन डिजिटल सुरागों के आधार पर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इंदौर के कारोबारियों और संस्थान संचालकों में दहशत बढ़ा दी है, वहीं पुलिस इस संगठित नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर स्तर पर जांच में जुटी है।
