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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gujarat: खाने की मात्रा कम होने पर दलित युवक ने जताई आपत्ति, बहस बढ़ी तो होटल स्टाफ ने कर दी पिटाई; मौत

By AgencyEdited By: Nidhi Avinash
Published: Sat, 10 Jun 2023 01:23 PM (IST)

गुजरात के महिसागर जिले में होटल व्यवसायी और कर्मचारियों ने एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पीड़ित ...और पढ़ें

खाने की मात्रा कम होने पर दलित युवक ने जताई आपत्ति, बहस बढ़ी तो होटल स्टाफ ने कर दी पिटाई
खाने की मात्रा कम होने पर दलित युवक ने जताई आपत्ति, बहस बढ़ी तो होटल स्टाफ ने कर दी पिटाई

वडोदरा, एजेंसी। गुजरात के महिसागर जिले में होटल व्यवसायी और कर्मचारियों ने एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। 45 वर्षीय पीड़ित राजू वनकर की 9 जून की रात वड़ोदरा शहर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दलित नेता और कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने 'जातिवादी गुंडे' को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। साथ ही विरोध प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है।

क्या हुआ था होटल में उस रात....

एफआईआर के अनुसार, पीड़ित राजू वनकर एक ऑटो चालक था और 7 जून की रात वो एक होटल में खाना खाने के लिए पहुंचा। भोजन के बाद, उसने होटल के कर्मचारियों से घर ले जाने के लिए खाना पैक करने के लिए भी कहा।

पैक किए गए भोजन की मात्रा कम होने पर पीड़ित ने होटल मालिक पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों आरोपियों के साथ बहस शुरू हो गई। इस बीच आरोपियों ने ऑटोचालक को गालियां दीं और उसकी बेरहमी से पिटाई भी की, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया।

ऑटोचालक की अस्पताल में मौत

पीड़ित के घर लौटने पर उसने सारी जानकारी अपने परिजनों को दी। अचानक देर रात उसके पेट में दर्द होने के बाद उसे महिसागर के एक अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण पीड़ित को पंचमहल जिले के गोधरा के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उन्हें वड़ोदरा के एसएसजी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वहां उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई।

आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (किसी को भड़काने के लिए जानबूझकर अपमान करना), 506 (2) (आपराधिक धमकी), और 114 (अपराध किए जाने पर उकसाने वाला) और साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान के तहत मामला दर्ज कर दिया है। पुलिस ने बाद में पीड़ित के मौत के बाद हत्या से संबंधित आईपीसी की धारा 302 को भी शामिल किया।