33 दिन तक देता रहा चकमा, बहन से बात करने की चाह में पुलिस के हत्थे चढ़ा पूर्व IAS की हत्या का आरोपी
पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपी वरुण कुमार 33 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। बहन ...और पढ़ें

आरोपी वरुण कुमार। (फाइल फोटो)
HighLights
दोस्त के मोबाइल से पटियाला में रहने वाली बहन को किया था कॉल।
पुलिस ने सर्विलांस पर डाला था नंबर, उसी को ट्रैक कर पुलिस ने पकड़ा।
एक माह से तीर्थ क्षेत्र में भजन मंडली बनाकर तलाश कर रही थी पुलिस टीम।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर 33 दिनों से फरार चल रहे वरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इतने दिनों तक वह मोबाइल फोन से दूरी बनाकर और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को छकाता रहा। उसे भरोसा था कि मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने से पुलिस उसकी लोकेशन नहीं तलाश पाएगी और लूट की रकम के सहारे वह बेखौफ घूमता रहेगा। लेकिन बहन से बात करने की चाह में फोन कॉल करने से पुलिस को उसका सुराग मिला और आखिरकार वह पकड़ा गया।
दोस्त के मोबाइल से किया कॉल
पुलिस सूत्रों के अनुसार दो नवंबर की सुबह करीब आठ बजे उसने अपने दोस्त के मोबाइल से पटियाला में रहने वाली बहन को फोन किया। पुलिस ने उसके सभी रिश्तेदारों के नंबर को पहले से ही सर्विलांस पर ले रखा था। सर्विलांस के जरिए पुलिस वरुण के दोस्त तक पहुंच गई।
आगरा से पकड़कर लाई पुलिस
इधर क्षेत्र में भजन मंडली बनाकर उसकी तलाश में घूम रही भोपाल पुलिस की टीम ने सख्ती से पूछा तो उसने वरुण के आगरा के रुनकता चौराहे स्थित ठिकाने तक पहुंचा दिया। पुलिस उसे वहां से पकड़कर भोपाल लाई, जहां भागने की कोशिश में उसकी पुलिस से मुठभेड़ हुई। पैर में गोली लगने के बाद उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मददगारों का पता लगा रही पुलिस
पुलिस वरुण के दोस्तों और परिचितों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने पनाह दी, आने-जाने में मदद की। हत्या के बाद वरुण हरिद्वार और ऋषिकेश में रहा। इसके बाद दिल्ली, ग्वालियर और मथुरा सहित कई शहरों में ठिकाने बदलता रहा। वारदात के बाद वरुण अपने साथ लूटे गए डॉलर ले गया था। जिसे उसने दिल्ली में एक्सचेंज कराया।