दिग्विजय सिंह की 950 KM ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ 20 अक्टूबर से, उज्जैन से अयोध्या तक पैदल चलेंगे
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक 950 किलोमीटर की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' शुरू करेंगे। ...और पढ़ें

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से जुड़ने के लिए पैम्फलेट और डिजिटल पिटीशन लांच करते दिग्विजय सिंह, अमृता सिंह और पार्टी नेता गोविंद गोयल। (फोटो- जागरण)
HighLights
दिग्विजय की इस पदयात्रा में नहीं रहेगा कांग्रेस का झंडा-पोस्टर।
यात्रा से जुड़ने के लिए दिग्विजय ने डिजिटल पिटीशन की लांच।
चंदा-चढ़ावा और वोट चोरी पर जवाबदेही की मांग करेंगे।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन शिवधाम (उज्जैन) से रामधाम (अयोध्या) तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालेंगे। 950 किलोमीटर की इस यात्रा में प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे। इस दौरान कांग्रेस का झंडा, पोस्टर नहीं रहेगा। यात्रा में वह चंदा-चढ़ावा और वोट चोरी पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।
उन्होंने यात्रा से जुड़ने के लिए बुधवार को भोपाल में पैम्फलेट और डिजिटल पिटीशन लांच किया। साथ ही आरोप लगाया कि बीते 12 वर्षों में संवैधानिक संस्थाओं पर न केवल हमले किए गए, बल्कि इन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने पत्नी अमृता राय के साथ भोपाल में संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा आज देश के सामने वोट चोरी और चंदा-चढ़ावा चोरी, दो बड़े मुद्दे हैं। वोट चोरी से लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं, चंदा चोरी से लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास प्रभावित हो रहा है। इन दोनों मुद्दों पर पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर मैं सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहा हूं।
महाकाल मंदिर से शुरू होगी यात्रा
दिग्विजय ने बताया कि यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन के महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर से होते हुए अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचेगी। यह जनजागरण यात्रा होगी जो किसी धर्म, संप्रदाय या व्यक्ति के विरुद्ध नहीं है। श्रीराम मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। श्रद्धालुओं का चढ़ावा और दान उनकी मेहनत और श्रद्धा से आता है। उसकी रक्षा करना और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय ध्वज और पांच रंग की ध्वजा रहेगी
यात्रा में एक व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और एक व्यक्ति धर्म ध्वजा (पचरंगा) लेकर चलेगा। इसमें लाल रंग शक्ति, ऊर्जा, साहस और संकल्प का प्रतीक है। जबकि, पीला ज्ञान, प्रकाश, पवित्रता और विवेक, काला गंभीरता, तप, अंधकार के बोध, सफेद सत्य, शांति, शुद्धता और सात्त्विकता के साथ हरा रंग को प्रकृति, जीवन, सृजन, पर्यावरण और समृद्धि का प्रतीक है। यात्रा का ध्येय वाक्य सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य यतो धर्मस्ततो जयः होगा। जिसका अर्थ है जहां धर्म (सत्य और न्याय) है, वहीं विजय है।
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यह रहेगा यात्रा का मार्ग
950 किलोमीटर की यह पदयात्रा उज्जैन से प्रारंभ होकर तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर, चंदेरी, तालबेहट (उत्तर प्रदेश), जेरोन, ओरछा होते हुए उत्तर प्रदेश के चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात, बाराबंकी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।
'मोदी ने तय किया, कोई दूसरा व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं बन सकता'
दिग्विजय ने कहा कि पहले भी अनेक लोग प्रधानमंत्री रहे, लेकिन कभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला नहीं हुआ था, न ही उन पर कब्जा करने का कोई प्रयास हुआ। वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी ने यह तय कर रखा है कि उनके अलावा कोई दूसरा प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। भाजपा के अलावा दूसरी कोई सरकार नहीं बन सकती।
ईवीएम और एसआईआर पर भी उन्होंने आरोप लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव और बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग को लेकर डिजिटल याचिका जारी की। इसे वे लोगों का समर्थन प्राप्त कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजेंगे। वहीं, एक विचारधारा विशेष पर भी उन्होंने अपने लोगों को शैक्षणिक और संवैधानिक पदों पर बैठाने का आरोप लगाया।
