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थानों के रिकॉर्ड पर साइबर अपराधियों की नजर! भोपाल के दो थानों पर LockBit रैनसमवेयर अटैक के बाद MP-CERT ने जारी की चेतावनी

Published: Sun, 01 Nov 2026 02:46 PM (IST)

भोपाल के अयोध्या नगर और शाहपुरा पुलिस थानों पर लॉकबिट रैनसमवेयर हमले के बाद राज्य की साइबर सुरक्षा पर चिंता ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. भोपाल के दो थानों पर लॉकबिट रैनसमवेयर हमला हुआ।

  2. पुलिस कंप्यूटरों के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी।

  3. डेटा चोरी और नेटवर्क घुसपैठ का गंभीर खतरा बताया गया।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। भोपाल के दो पुलिस थानों के सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल नेटवर्क एवं सिस्टम) पर साइबर हमले के बाद प्रदेश की साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अयोध्या नगर और शाहपुरा थाने के कंप्यूटर सिस्टम पर हुए इस हमले में डेटा लॉक हो गया था। हालांकि, तकनीकी टीम ने सिस्टम को दुरुस्त कर लिया है। फिलहाल डेटा चोरी होने की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश साइबर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपी-सर्ट) ने प्रदेश के पुलिस कंप्यूटर और नेटवर्क को संभावित लॉकबिट रैनसमवेयर हमले से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि लॉकबिट रैनसमवेयर केवल कंप्यूटर की फाइलों को लॉक करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि नेटवर्क में सेंध लगाकर सर्वर और उससे जुड़े दूसरे कंप्यूटरों तक भी पहुंच बना सकता है। ऐसे में थानों में दर्ज एफआईआर, आपराधिक मामलों की जांच और पुलिस के अन्य संवेदनशील रिकॉर्ड प्रभावित होने का खतरा है।

डेटा लॉक होने के बाद हार्ड डिस्क की जांच

अयोध्या नगर और शाहपुरा थाने में साइबर अटैक के बाद कंप्यूटर का डेटा लॉक हो गया था। तकनीकी हस्तक्षेप से सिस्टम को दोबारा दुरुस्त कर लिया गया है। हालांकि, किसी तरह की डेटा चोरी हुई है या नहीं, इसकी पड़ताल जारी है। दोनों थानों की हार्ड डिस्क की जांच एमपी-सर्ट और स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) की टीमें कर रही हैं, ताकि हमले की प्रकृति और संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके।

विंडोज अपडेट से लेकर मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन की सलाह

एमपी-सर्ट के संयुक्त संचालक वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि साइबर हमले के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर सभी संबंधित संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सभी विंडोज सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट रखने, प्रमाणित एंटीवायरस और एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पांस (ईडीआर) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा मजबूत पासवर्ड रखने, मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) लागू करने और महत्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप लेने पर जोर दिया गया है। पेन ड्राइव के इस्तेमाल से बचने और नेटवर्क को अलग-अलग हिस्सों में विभाजित रखने की भी हिदायत दी गई है, ताकि किसी एक सिस्टम में सेंध लगने पर उसका असर पूरे नेटवर्क तक न पहुंचे।

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डेटा लॉक करने के साथ जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी

एडवाइजरी के मुताबिक, लॉकबिट रैनसमवेयर की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह कंप्यूटर की फाइलों को एन्क्रिप्ट कर लॉक करने के साथ डेटा चुराकर उसे सार्वजनिक करने की धमकी भी दे सकता है। हमलावर सुरक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करने, बैकअप की शैडो कॉपी मिटाने और विंडोज के सिक्योरिटी लॉग डिलीट करने में भी सक्षम होते हैं।

कमजोर पासवर्ड, फिशिंग ईमेल, इंटरनेट पर खुले रिमोट डेस्कटॉप और पुराने सॉफ्टवेयर के जरिए साइबर अपराधी सिस्टम में प्रवेश कर सकते हैं। इससे पहले प्रदेश की सरकारी वेबसाइटों में पीएचपी की तकनीकी खामियों के कारण भी साइबर हमले का खतरा सामने आया था। ऐसे में पुलिस और सरकारी नेटवर्क की साइबर सुरक्षा मजबूत करना अब बड़ी चुनौती बन गया है।

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