पांच लाख की ठगी पर पुलिस ने नहीं की सुनवाई, फरियादी ने थाने में खाया जहर; मरने से पहले Video में बयां किया दर्द
भोपाल में 5.5 लाख रुपये की ठगी के शिकार नरेंद्र ने अशोका गार्डन थाने में जहर खाकर आत्महत्या कर ली, ...और पढ़ें

फरियादी नरेंद्र सिंह (इनसेट में) ने थाने में खाया जहर।
HighLights
मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर परिचित ने चार साल में ठगे लाखों रुपये।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय से थाने तक कार्रवाई के लिए भटकता रहा युवक।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। ठगी के मामले में शिकायत करने अशोका गार्डन थाने पहुंचे एक फरियादी की पुलिस ने सुनवाई नहीं की, परेशान होकर उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से करीब पांच घंटे पहले तक वह कार्रवाई के लिए पुलिस से मिन्नतें करता रहा।
जहर खाने के बाद जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो पुलिस उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची। जहां इलाज के दौरान बुधवार रात को उसकी मौत हो गई। मौत से पहले नरेंद्र ने करीब 13 मिनट का एक वीडियो बनाकर ठगी की पूरी कहानी बताने के साथ पुलिस की बेरुखी का दर्द भी बयां किया।
विदिशा का रहने वाला था युवक
मूलत: विदिशा जिले के सतियाखेड़ी गांव का रहने वाला नरेंद्र करीब 10 साल से अशोका गार्डन क्षेत्र के सेमरा में रह रहा था। वह रैपिडो चलाकर परिवार का खर्च उठाता था। नरेंद्र के अनुसार कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाले पुलक सक्सेना से उसकी करीब छह साल पुरानी पहचान थी। चार साल पहले पुलक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 12 लाख 85 हजार रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया।
लोन के नाम पर की ठगी
शुरुआत में प्रोसेसिंग के नाम पर 10,500 रुपये लिए। इसके बाद ऑनलाइन और अन्य खर्च बताकर करीब 25 हजार रुपये और लिए। कुछ समय बाद लोन स्वीकृत होने की बात कहकर 2.85 लाख रुपये मांगे। नरेंद्र ने यह रकम भी अलग-अलग किस्तों में दे दी। इसके बाद प्रोसेसिंग के नाम पर करीब दो लाख रुपये और ले लिए गए। इस तरह कुल रकम करीब साढ़े पांच लाख रुपये तक पहुंच गई, लेकिन लोन नहीं मिला।
रुपये मांगे तो कहा- जा मर जा, रकम नहीं दूंगा
नरेंद्र की पत्नी प्रतीक्षा ने बताया कि रकम लेने के बाद पुलक ने बताया कि लोन कराने वाला व्यक्ति रुपये लेकर भाग गया है। जब नरेंद्र ने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जवाब मिला कि मर जाओ, रुपये नहीं दूंगा।
लोन नहीं मिलने के बावजूद नरेंद्र पर उधार चुकाने का दबाव बढ़ता गया। पिछले एक साल से वह इस परेशानी से जूझ रहा था। पत्नी का आरोप है कि उसने पहले भी थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय भी पहुंचा था। वहां आवक-जावक शाखा में शिकायत देकर रसीद ली थी।
सुबह घर से निकला, शाम को मिली जहर खाने की सूचना
प्रतीक्षा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे नरेंद्र घर से खाना बनाने की बात कहकर निकला था। वह अशोका गार्डन थाने पहुंचा और दोपहर करीब दो बजे तक पत्नी को कई बार फोन किए। आरोप है कि उसे शाम को आने और टीआई से मिलने के लिए कहा गया था।
दोबारा थाने पहुंचने पर भी उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने आगंतुक कक्ष में सल्फास खा लिया। शाम करीब सात बजे पत्नी को थाने से सूचना मिली। हमीदिया अस्पताल पहुंचने पर नरेंद्र ने सल्फास खाने की बात बताई। गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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टीआई बोले- दो बार आया, मेरा पता पूछकर चला गया
अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि नरेंद्र ने थाने के बाहर जहर खाया था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के समय वह टीटी नगर क्षेत्र में एक राजनीतिक कार्यक्रम की ड्यूटी पर थे। उनका दावा है कि नरेंद्र दो बार थाने आया था, लेकिन सिर्फ थाना प्रभारी के बारे में पूछकर लौट गया।
युवक ने कमिश्नर कार्यालय में आवक-जावक शाखा में शिकायती आवेदन दिया था। उसकी किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हुई थी। मौत के कारणों को लेकर जांच की जा रही है।
- संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर, भोपाल
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