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‘Justice For Twisha' की गूंज: भोपाल में सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक, बाइक रैली निकालकर निष्पक्ष जांच की दोहराई मांग

Published: Wed, 20 May 2026 02:38 PM (IST)

राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व सैनिकों ने न्याय की मांग को लेकर बाइक ...और पढ़ें

पूर्व सैनिकों ने निकाली बाइक रैली।

पूर्व सैनिकों ने निकाली बाइक रैली।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है। मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को पूर्व सेना अधिकारी और जवान सड़क पर उतर आए। वर्दी वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में शौर्य स्मारक से निकाली गई बाइक रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल हुए और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि ट्विशा शर्मा और उनके परिवार के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना था कि परिवार से जुड़े सैन्य अधिकारी देश की सेवा में सीमाओं पर तैनात हैं और सेवा नियमों के कारण वे व्यक्तिगत स्तर पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकते। ऐसे में पूर्व सैनिक समाज उनके समर्थन में आगे आया है। उल्लेखनीय है कि ट्विशा के भाई सेना में मेजर पद पर कार्यरत हैं।

‘हम न्याय मांगते हैं, दया नहीं’ के नारों से गूंजा शौर्य स्मारक

बाइक रैली की शुरुआत शौर्य स्मारक से हुई, जहां पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘जस्टिस फॉर ट्विशा शर्मा’, ‘ट्विशा के कातिलों को बेनकाब करो’ और ‘हम न्याय मांगते हैं... दया नहीं’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे।

इसके बाद बाइक रैली मुख्यमंत्री निवास, पुलिस मुख्यालय और राजभवन की ओर बढ़ी, जहां संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई।

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

इससे पहले मंगलवार को ट्विशा शर्मा के परिजनों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस जांच और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। परिवार का आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है और कई पहलुओं की अनदेखी की जा रही है।

प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों का कहना था कि किसी व्यक्ति का प्रभावशाली या रसूखदार होना उसे कानून से ऊपर नहीं बना सकता। उनका स्पष्ट संदेश था कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।

पूर्व सैन्य अधिकारी श्याम श्रीवास्तव ने मामले को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए कहा कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला प्रतीत नहीं होता। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि ससुराल पक्ष के प्रभाव और पहुंच के कारण जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

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