अशोकनगर जिला अस्पताल में नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत से सनसनी, मुंह से निकल रहा था खून; गले पर मिले निशान
अशोकनगर जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में एक नवजात बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची के मुंह ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
अशोकनगर अस्पताल में नवजात बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
बच्ची के मुंह से खून निकल रहा था, गले पर दबाने जैसे निशान मिले।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
डिजिटल डेस्क, अशोकनगर। अशोकनगर जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में नवजात बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। करीब 3 किलो 20 ग्राम वजनी बच्ची के मुंह से खून निकल रहा था और उसके गले पर दबाने जैसे निशान मिले हैं। डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध मानते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
फिलहाल पुलिस नवजात की मां, दादी सहित वार्ड में मौजूद अन्य प्रसूताओं और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वार्ड में कौन-कौन मौजूद था और नवजात तक किसकी पहुंच थी। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सो रही थी मां
जानकारी के अनुसार सकवारा गांव निवासी भावना पत्नी केदार विश्वकर्मा ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात जिला अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात अपनी मां के साथ प्रसूता वार्ड में थी।
भावना के मुताबिक शनिवार दोपहर वह बच्ची को अपने पास सुलाकर खुद भी सो गई थी। कुछ देर बाद नींद खुली तो बच्ची के मुंह से खून निकल रहा था और वह कोई हरकत नहीं कर रही थी। यह देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया।
बच्ची की दादी राजनबाई और अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी उसे तत्काल एसएनसीयू वार्ड लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच की तो नवजात को मृत घोषित कर दिया। मुंह से खून निकलने और गले पर दबाने जैसे निशान मिलने के बाद डॉक्टरों को मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं और पुलिस को सूचना दी गई।
मां-दादी से लेकर वार्ड में मौजूद लोगों से पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने नवजात की मां भावना और दादी राजनबाई से पूछताछ की। दोनों ने घटना के संबंध में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है।
इसके बाद पुलिस ने प्रसूता वार्ड में भर्ती अन्य महिलाओं और उनके परिजनों से भी जानकारी जुटाई। जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस समय बच्ची की मौत हुई, उस दौरान वार्ड में कौन-कौन मौजूद था।
पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ सीधे तौर पर कोई आरोप या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है।
परिवार में पहले से एक बेटी, इस पहलू की भी जांच
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि नवजात की मां की पहले से एक बेटी है। वहीं परिवार में केदार विश्वकर्मा के बड़े भाई की भी एक बेटी है। पुलिस परिवार की परिस्थितियों और घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल कर रही है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। नवजात की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा।
प्रसूता वार्ड में CCTV नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। जिस प्रसूता वार्ड में नवजात अपनी मां के साथ थी, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में घटना के समय वार्ड में मौजूद लोगों की गतिविधियों की सीधी निगरानी नहीं हो सकी।
हालांकि पुलिस अस्पताल परिसर और आसपास लगे दूसरे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि घटना के समय वार्ड में कौन-कौन आया या वहां से बाहर गया था।
यह भी पढ़ें- राजगढ़ जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत पर बवाल, परिजनों का आरोप- रातभर गुहार लगाते रहे, डॉक्टर-नर्स ने नहीं देखा
अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही नवजात की मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी और यदि किसी तरह की आपराधिक भूमिका साबित होती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार शाम जिला अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक नवजात बालिका मृत अवस्था में है। डॉक्टर से चर्चा करने पर प्रथमदृष्टया बालिका के गले पर दबाने के निशान बताए गए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
- रवि प्रताप सिंह चौहान, थाना प्रभारी सिटी कोतवालीजानकारी मिलते ही अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नवजात बालिका को तत्काल एसएनसीयू वार्ड लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बालिका के मुंह से खून निकल रहा था और गले पर दबाने के निशान दिखाई दे रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
- डॉ. बीएल टैगोर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
