डबल हाइड्रोलिक पिस्टन से संचालित होंगे सोनभद्र के कनहर डैम के अत्याधुनिक गेट, नियंत्रित किया जाएगा जलधारा को

उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के करीब दस लाख की आबादी का चार दशक का इंतजार अब समाप्त होते दिख रहा है। एक सप्ताह के अंदर निर्माणाधीन कनहर डैम में गेट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। परियोजना के मुख्य अभियंता ने संबंधितों को सख्त निर्देश जारी किया है।

By Saurabh ChakravartyEdited By: Publish:Thu, 09 Dec 2021 04:23 PM (IST) Updated:Thu, 09 Dec 2021 04:23 PM (IST)
डबल हाइड्रोलिक पिस्टन से संचालित होंगे सोनभद्र के कनहर डैम के अत्याधुनिक गेट, नियंत्रित किया जाएगा जलधारा को
डबल हाइड्रोलिक पिस्टन से संचालित होंगे सोनभद्र के कनहर डैम के अत्याधुनिक गेट, नियंत्रित किया जाएगा जलधारा को

सोनभद्र, विष्णु अग्रहरि। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के करीब दस लाख की आबादी का चार दशक का इंतजार अब समाप्त होते दिख रहा है। एक सप्ताह के अंदर निर्माणाधीन कनहर डैम में गेट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसको लेकर परियोजना के मुख्य अभियंता ने संबंधितों को सख्त निर्देश जारी किया है। इस साल के अंत व नए साल के शुरुआती सप्ताह में पहले चरण के तहत दो गेट लगाने की रूपरेखा कार्यदायी संस्था द्वारा तैयार किया जा चुका है। इसके लिए हैदराबाद व ओडिशा के अंगोल से उपकरणों को लेकर आ रहा वाहन आगामी कुछ दिनों में अमवार पहुंच जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा एक गेट लगाने में चार से छह दिन का समय लेंगे।

तीन राज्य के करीब 100 वर्ग किमी क्षेत्रफल में आबाद लाखों की आबादी के विकास क्रांति की रूप में निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना धीरे-धीरे अब अपने मूल स्वरूप की ओर बढ़ता जा रहा है। कनहर डैम में गेट लगाने के की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिशासी अभियंता राम आशीष ने बताया कि डैम में कुल 16 अत्याधुनिक गेट लगने है। प्रत्येक गेट की चौड़ाई 14.5 एवं ऊंचाई 15 मीटर निर्धारित है। सभी गेट में दो-दो हाइड्रोलिक पिस्टन व बेयरिंग लगाने का भी प्रावधान किया गया है। जिससे उसके संचालन में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे। आपात स्थिति के लिए इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल कंट्रोल पैनल के जरिये प्रत्येक गेट का अलग-अलग एवं सामूहिक रूप से कंट्रोल करने की व्यवस्था रहेगी।

उपकरणों के आने का क्रम शुरू : एजीएम

कार्यदायी संस्था के एजीएम पीवीएसएसआरके वर्मा ने बताया कि कनहर डैम में लगने वाले हाइड्रोलिक गेट के उपकरण देश के विभिन्न स्थानों पर तैयार किये जा रहे है। अंगोल ओडिशा में हाइड्रोलिक पाइप तो हैदराबाद में स्पिलवे ब्रिज एवं बेयरिंग विशेष आर्डर पर तैयार कराए जा रहे है। प्रथम चक्र में दो गेट के उपकरण दो-तीन दिन के अंदर अमवार पहुंच जाएंगे। इसके बाद उन्हें लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। विभागीय दिशा निर्देश के तहत गेट लगाने के लिए मौके पर सभी जरूरी तैयारी को पूरा किया जा रहा है।

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