अब जिला अस्पताल में भी हो सकेगी Coronavirus की जांच Gorakhpur News

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मशीनें खरीदी जा चुकीं हैं। शासन की अनुमति से शीघ्र ही हम जाकर उसे ले आएंगे। अब जिला अस्‍पताल में भी कोरोना मरीजों की जांच हो सकेगी।

By Satish ShuklaEdited By: Publish:Thu, 04 Jun 2020 04:48 PM (IST) Updated:Thu, 04 Jun 2020 04:48 PM (IST)
अब जिला अस्पताल में भी हो सकेगी Coronavirus की जांच Gorakhpur News
अब जिला अस्पताल में भी हो सकेगी Coronavirus की जांच Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल को एक और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज को दो ट्रूनेट मशीनें मिलने वाली हैं। इस संबंध में शासन से पत्र आ गया है। अब जिला अस्पताल में भी इमरजेंसी में कोरोना संक्रमण की जांच हो सकेगी।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मशीनें खरीदी जा चुकीं हैं। शासन की अनुमति से शीघ्र ही हम जाकर उसे ले आएंगे। मशीन आ जाने से किसी की सर्जरी के पहले या किसी की मौत हो जाने पर तत्काल जांच की जा सकेगी। इससे एक सैंपल की जांच में लगभग तीन घंटे लगते हैं। अभी जांच के लिए सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। समय ज्यादा लगता है। खासकर सर्जरी व मृतक के सैंपल की रिपोर्ट में देर होने पर दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इस मशीन में एक बार में एक ही सैंपल की जांच हो पाती है।

हौसला जीता, दी कोरोना को मात

गोरखपुर के रेलवे अस्पताल में कोरोना से जंग जीतकर नौ लोग अपने घर लौट गए। देवरिया के पांच व महराजगंज के चार लोग 23 मई को भर्ती हुए थे। दूसरी व तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। साथ ही फल की टोकरी व सुरक्षा किट देकर विदा किया गया। जाते समय स्वास्थ्यकर्मियों ने ताली बजाकर उनकी हौसलाआफजाई भी की। उनका विश्वास था कि उनका हौसला कोरोना से जंग में मदद करेगा। ठीक हुए लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. श्रीकांत तिवारी व रेलवे अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा निदेशक डॉ. नवल किशोर यादव ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और घर जाने के बाद भी बचाव करने की नसीहत दी। सीएमओ ने बताया कि कोरोना से ठीक हुए लोगों को विदाई के साथ पोषणयुक्त खाद्य सामग्री इसलिए दी गई ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. नंद कुमार, डॉ. मोहिनी दूबे, स्टॉफ नर्स अल्का यादव, चेतराम, योगेंद्र, अशोक, डॉ. मुस्तफा खान, हेल्प डेस्क मैनेजर ब्रह्मलाल प्रजापति, अमरनाथ जायसवाल, शिल्पी, पवन, महेंद्र व नीतू आदि उपस्थित थीं।

भर्ती हैं 65 मरीज

रेलवे अस्पताल में कुल 75 मरीज भर्ती थे। नौ के डिस्चार्ज होने और एक मरीज के रेफर होने के बाद कुल 65 मरीज भर्ती रह गए हैं। उनका इलाज चल रहा है।  

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