Rajasthan: संघ की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर गहलोत सरकार सख्त

Gehlot government. गहलोत सरकार ने अब राज्य के उन सरकारी कर्मचारियों का ब्यौरा एकत्रित करना शुरू किया है जो आरएसएस की शाखाओं में नियमित रूप से जाते हैं।

By Sachin MishraEdited By: Publish:Fri, 06 Dec 2019 02:50 PM (IST) Updated:Fri, 06 Dec 2019 02:50 PM (IST)
Rajasthan: संघ की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर गहलोत सरकार सख्त
Rajasthan: संघ की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर गहलोत सरकार सख्त

जयपुर, जागरण संवाददाता। Gehlot government. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते रहे हैं। गहलोत सरकार ने अब राज्य के उन सरकारी कर्मचारियों का ब्यौरा एकत्रित करना शुरू किया है, जो आरएसएस की शाखाओं में नियमित रूप से जाते हैं। सरकार के ध्यान में आया कि आरएसएस की शाखा में जाने के लिए कर्मचारी कार्यालय समय से पहले निकल जाते हैं और वहां सत्तारूढ़ दल के खिलाफ होने वाली चर्चा में शामिल होते हैं।

राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों एवं विभागाध्यक्षों से शाखाओं में जाने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है। इन कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक सुधार विभाग कार्रवाई कर सकता है। सरकारी कर्मचारियों को शाखा में नहीं जाने को लेकर अनौपचारिक रूप से आदेश भी जारी किए जा चुके हैं । इससे पहले भी कर्मचारियों को शाखा में जाने के लिए मना किया गया था। इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष कांग्रेस और भाजपा दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा है।

जानें, किसने-क्या कहा

गहलोत सरकार में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को संघ की शाखा में भाग नहीं लेना चाहिए। शर्मा ने कहा कि इस संबंध में एक विधायक ने भी सवाल पूछा है, इसलfए भी जानकारी एकत्रित कराई जा रही है।

बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायक राजेंद्र गुढ़ा का कहना है कि शाखा में सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।

उधर, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि आरएसएस में राष्ट्र निर्माण का काम होता है। यह एक सांस्कृति संगठन है। देशभक्ति का पाठ इसमें पढ़ाया जाता है।

भाजपा के वरिष्ठ विधायक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि कर्मचारियों पर आपातकाल लगाने जैसा प्रयास किया जा रहा है ।

इन्होंने मांगी जानकारी

निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा ने गत 27 जून से पांच अगस्त तक चले विधानसभा के दूसरे सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न के जरिए यह सवाल उठाया था। रामकेश मीणा ने आरएसएस की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों की सूची मांगी थी। उन्होंने यह भी जानकारी मांगी थी कि शाखाएं कहां-कहां लगती है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए और इसी वजह से उन्होंने विधानसभा में ये सवाल उठाया था। हालांकि गहलोत सरकार पहले से ही सरकारी कर्मचारियों के शाखा में जाने के खिलाफ रही है। 

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