President Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव से पहले ममता बनर्जी की बुलाई बैठक में शामिल नहीं होंगे उद्धव ठाकरे, जानें क्या है वजह

President Election 2022 ममता ने 22 दलों को पत्र लिख बैठक में शामिल होने की अपील की थी। इस बैठक में उद्धव ठाकरे को भी बुलाया गया था। बता दें कि ममता ने यह बैठक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष द्वारा रणनीति बनाने के लिए रखी है।

By Mahen KhannaEdited By: Publish:Sun, 12 Jun 2022 11:34 AM (IST) Updated:Sun, 12 Jun 2022 11:34 AM (IST)
President Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव से पहले ममता बनर्जी की बुलाई बैठक में शामिल नहीं होंगे उद्धव ठाकरे, जानें क्या है वजह
राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं की बैठक पर बोले राउत।

मुम्बई, एएनआइ। देश में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने हैं इस बीच विपक्षी दलों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कल ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया था, जिसमें उद्धव ठाकरे शामिल नहीं हो पाएंगे। ममता ने 22 दलों को पत्र लिख बैठक में शामिल होने की अपील की थी। इस बैठक में उद्धव ठाकरे को भी बुलाया गया था। बता दें कि ममता ने यह बैठक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष द्वारा रणनीति बनाने के लिए रखी है।

राउत ने बताई उद्धव के न जाने की वजह

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बैठक में शामिल न होने की वजह पर राउत ने जानकारी दी है। राउत ने बताया कि उद्धव को दिल्ली में 15 जून की बैठक का निमंत्रण मिला है। लेकिन उद्धव उस समय अयोध्या में होंगे, जिसके चलते उनकी पार्टी के एक प्रमुख नेता बैठक में भाग लेंगे।

इन लोगों को ममता ने लिखी चिट्ठी

जिन लोगों को ममता ने आमंत्रित किया है उनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा शामिल हैं।

इन सब के अलावा माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, राज्यसभा सांसद एचडी देवगौड़ा, जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला, पीडीपी की अध्यक्ष मेहबूबा मुफ्ती, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष पवन चामलिंग और आइयूएमएल के अध्यक्ष केएम कादेर मोहिदीन शामिल हैं।

ममता ने पत्र में यह लिखा

ममता ने विपक्ष को लिखे पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक चरित्र वाले देश को मजबूत और प्रभावशाली विपक्ष की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर विभाजनकारी ताकत का प्रतिरोध करना होगा। ममता ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी नेताओं को लगातार निशाना बना रही हैं जिसका विरोध करना होगा।

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