Coughing Etiquette: बचपन में सिखाए गए शिष्टाचार कोरोनाकाल में बन गए हैं स्वच्छता प्रोटोकाल, जानिए कैसे

Coughing Etiquette खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखे कुछ भी खाने से पहले हाथ धोएं। बचपन के ये शिष्टाचार कोरोन से बचने का हथियार हैं।

By Shilpa SrivastavaEdited By: Publish:Thu, 23 Jul 2020 05:46 PM (IST) Updated:Wed, 16 Sep 2020 10:27 AM (IST)
Coughing Etiquette: बचपन में सिखाए गए शिष्टाचार कोरोनाकाल में बन गए हैं स्वच्छता प्रोटोकाल, जानिए कैसे
Coughing Etiquette: बचपन में सिखाए गए शिष्टाचार कोरोनाकाल में बन गए हैं स्वच्छता प्रोटोकाल, जानिए कैसे

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। बचपन में स्कूल से लेकर घर तक हमें यही शिष्टाचार सिखाए जाते हैं कि छींकते और खांसते समय मुंह पर रूमाल रखें और खाना खाने से पहले हाथ धोएं। ये बचपन के शिष्टाचार कोरोनाकाल में लाइफलाइन बन गए हैं। ये छोटी-छोटी बातें ना सिर्फ अच्छे शिष्टाचार के प्रतीक हैं, बल्कि सांस की गंभीर बीमारियों को फैलने से रोकने में भी हमारी मदद करती हैं। पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है और ऐसे में हम सभी के लिए बचपन में सीखे गए इन शिष्टाचार का अभ्यास करना जरूरी है, ताकि कोरोना से महफूज रहा जा सके।

खांसते समय शिष्टाचार क्यों आवश्यक है:

खांसने, छींकने के शिष्टाचार का पालन करके आप श्वसन संक्रमण जैसे कि ठंड, फ्लू और यहां तक कि कोरोनावायरस को अन्य व्यक्तियों में फ़ैलने से रोक सकते हैं। आप जानते हैं ना कि कोरोनावायरस मुंह के ड्राप्लेट्स से फैलता है। अगर आप लोगों का ध्यान रखे बिना खुले में खांसते या छींकते हैं तो ये ड्रॉप्लेट्स स्वस्थ इनसान तक पहुंच कर उसे भी वायरस का शिकार बना सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक बीमार व्यक्ति संक्रमित बूंदों को छह फीट की दूरी तक भेज सकता है और ये कण कई घंटों तक हवा में रहते हैं, जो उनके आसपास के कई व्यक्तियों को बीमार बनाने के लिए पर्याप्त है। ऐसा नहीं है कि आपको बीमारी के समय ही खांसने और छींकने के शिष्टाचार का पालन करना चाहिए, बल्कि आप स्वस्थ हों तब भी खाँसी और छींकने के उचित शिष्टाचार का पालन करें।

चीजें जो आपको करनी चाहिए: कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कुछ बातें हैं, जिन्हें आपको अपनाना चाहिए।

हर बार खांसने या छींकते समय अपने मुंह और नाक को एक टिशू पेपर से ढक लें। डिस्पोजेबल टिशू का उपयोग करना ज्यादा बेहतर रहेगा। यदि उस समय आपके पास टिशू पेपर मौजूद नहीं है, तो आप अपनी कोहनी में खांसे या छींके। इस तरह आपके हाथ फ्लू के वायरस से दूषित नहीं होंगे। खांसते या छींकते समय हमेशा अपने चेहरे को अन्य लोगों से दूर रखें। खांसने या छींकने वाले लोगों से दूर जाएं। खांसते या छींकते समय इस्तेमाल में आने वाले टिशू पेपर को इस्तेमाल के बाद खुले में नहीं फेंके बल्कि उसे कूड़ेदान में डालें। अपने चेहरे या किसी भी हिस्से को छूने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें। यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो अपनी हथेलियों पर सैनिटाइज़र लगाएं। यदि आप बीमार हैं, तो बेहतर है कि घर में रहकर आराम करें। इस तरह दूसरों तक संक्रमण फैलने की संभावना कम हो होगी।

जानिए और भी कई स्वच्छता शिष्टाचार

पुरानी खांसी और छींकने के शिष्टाचार का पालन करने के अलावा जब आप बीमार होते हैं तो आपको कुछ स्वच्छता प्रोटोकॉल हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं क्या है स्वच्छता प्रोटोकॉल - अपने हाथों को बार-बार धोएं,खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। बार-बार मुंह या नाक पर हाथ नहीं लगाएं। उन जगहों को कीटाणुरहित करें जिन्हें आपने दूषित हाथों से खांसा या छुआ होगा। हाथ मिलाने से, किस करने से और गले मिलने से परहेज करें, इस तरह दिल नहीं मिलता बल्कि वायरस फैलता है। स्वस्थ लोगों से दूरी बनाए रखें, खासकर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों से।

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने आप को और अपने प्रियजनों को बीमार होने से रोक सकते हैं।

                  Written By Shahina Noor

chat bot
आपका साथी