मोस्‍टवांटेड खीरा के पीछे Haryana Police, Facebook पर फोटो अपलोड कर किया चैलेंज

पुलिस गिरफ्त से फरार होने के बाद सुनील उर्फ खीरा ने बचा चैलेंज दिया है। उसने फेसबुक पर रिवाल्वर के साथ फोटो अपलोड की है। वहीं साइबर एक्सपर्ट जानकारी जुटाने में लगे हैं।

By Anurag ShuklaEdited By: Publish:Fri, 31 May 2019 06:10 PM (IST) Updated:Sat, 01 Jun 2019 10:12 AM (IST)
मोस्‍टवांटेड खीरा के पीछे Haryana Police, Facebook पर फोटो अपलोड कर किया चैलेंज
मोस्‍टवांटेड खीरा के पीछे Haryana Police, Facebook पर फोटो अपलोड कर किया चैलेंज

पानीपत/करनाल, जेएनएन। पुलिस गिरफ्त से फरार होने के बाद सुनील खीरा ने 28 मई की शाम पांच बज कर तीन मिनट पर फेसबुक पर अपना फोटो अपडेट किया। इसी दिन दोपहर 12 बजे के करीब उसे तीन बदमाशों ने बस अड्डे से छुड़ा लिया था। फरार होने के कुछ ही घंटों बाद उसने फेसबुक पर पेज अपडेट कर दिया। 

इधर, जांच टीम का दावा है कि वारदात में शामिल एक आरोपित की पहचान कर ली है। फेसबुक पर खीरा का पेज अपडेट होते ही पुलिस का साइबर सेेल भी सक्रिय हो गया है। जांच की जा रही है कि पेज कैसे और कहां से अपडेट किया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि फरार होने के बाद बदमाश पंजाब पहुंच गए हैं, क्योंकि उनके मोबाइल की आखिर लोकेशन वहीं की आ रही है। वारदात की जांच कर रही टीम के सदस्य एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि अभी इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें नहीं पता कि खीरा ने अपना फेसबुक पेज अपडेट किया है। ऐसा भी हो सकता है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए किसी अन्य ने पेज अपडेट किया हो। 

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग हो सकता है वारदात के पीछे 
लॉरेंस बिश्नोई स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी नाम का एक संगठन चलाता है। लेकिन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई एक आतंक का नाम है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही उसने अपना छात्र संगठन सोंपू बनाया। लॉरेंस पर करीब 50 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 30 में वो बरी हो चुका है। वह जेल में भी मोबाइल फोन इस्तेमाल करता है। जांच टीम का मानना है कि खीरा को रिहा कराने में इसी गैंग का हाथ है। पुलिस यह भी मान कर चल रही है कि यह सभी चंडीगढ़ या इसके आसपास छुपे हो सकते हैं। 

बेवजह नहीं है कि यह फरारी 
पुलिस का मानना है कि करनाल में खीरा पर जो हत्या का मामला चल रहा है, उसमें उसे सजा हो सकती है। केस को कमजोर करने के इरादे से ही उसने साथियों के साथ मिल कर फरार होने का प्लान बनाया। 

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करनाल बस अड्डे से हुआ था फरार 
खीरा यमुनानगर जेल में सात साल की सजा काट रहा था। हत्या के एक मामले में उसे पेशी के लिए यमुनानगर पुलिस करनाल लेकर आई। यहां से जब वह वापस जा रहा था तो बदमाश हथियारों के बल पर उसे छुड़ा कर फरार हो गए। तब से लेकर अभी तक वह फरार है। इस वारदात में दो पुलिस कर्मचारी भी घायल हुए थे। बदमाशों को पकडऩे के लिए यमुनानगर और करनाल पुलिस की संयुक्त टीम लगातार सर्च आपरेशन चला रही है, लेकिन अभी तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा है। 

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