अभय को पीछे बैठाने पर सियासत, विधानसभा में दिखी हुड्डा-चौटाला की जुगलबंदी

विधानसभा में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के बीच गजब की जुगलबंदी दिखाई दी।

By Kamlesh BhattEdited By: Publish:Wed, 04 Mar 2020 11:03 AM (IST) Updated:Wed, 04 Mar 2020 11:03 AM (IST)
अभय को पीछे बैठाने पर सियासत, विधानसभा में दिखी हुड्डा-चौटाला की जुगलबंदी
अभय को पीछे बैठाने पर सियासत, विधानसभा में दिखी हुड्डा-चौटाला की जुगलबंदी

जेएनएन, चंडीगढ़। कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई के भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार ज्यादा दिन नहीं चलने के दावे के बाद विधानसभा में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला के बीच गजब की जुगलबंदी दिखाई दी। हुड्डा ने कहा कि अभय सीनियर विधायक हैैं और उन्हें सबसे पीछे बैठाने का कोई औचित्य नहीं है।

कांग्रेस विधायकों ने एक सुर में हुड्डा की बात का समर्थन करते हुए अभय चौटाला का पीछे की सीट पर बैठाए जाने के स्पीकर के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। बुधवार को बजट सत्र का आखिरी दिन है। सवाल यह उठ रहा कि हुड्डा ने मंगलवार को अभय सिंह चौटाला के हक में आवाज बुलंद की।

कांग्रेस विधायकों का समर्थन मिलने से उत्साहित अभय चौटाला ने कहा कि वे पहले भी अपनी बात को बिना किसी डर और बाधा के कहते रहे हैैं और आगे भी कहते रहेंगे। वे किसी से रुकने वाले नहीं हैैं। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने सदन में अभय चौटाला को पीछे की सीट पर बैठने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अभय सीनियर हैं। यदि स्पीकर चाहें तो उन्हें हमारी सीटों की तरफ वरिष्ठता के आधार पर बैठा सकते हैैं।

आफताब अहमद के मुद्दा उठाने के बाद हु्डडा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में भी सीनियर सांसद को आगे ही बैठाया जाता है। विधानसभा में विज सीनियर विधायक थे और हमने उन्हें आगे की सीट पर जगह दी थी, जिस पर विज ने कहा कि वे भाजपा के नेता हैैं, इसलिए उन्हें आगे बैठाया गया था। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने जब यह कहा कि विधायकों की दलगत स्थिति के आधार पर सभी को सीट दी गई है तो भाजपा के कुछ विधायकों ने कहा कि अभय को पीछे की सीट पर जनता ने बैठाया है।

सदन में इस मुद्दे के बाद अभय चौटाला ने प्रेस गैलरी में पत्रकारों से बातचीत की। इससे पहल बजट पर अभय ने करीब 18 मिनट तक सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा की सरकार विपक्ष द्वारा दिए गए सार्थक सुझावों को गंभीरता से नहीं ले रही और जो सुझाव दिए जाते हैं उनको नजरअंदाज किया जाता है। इनेलो नेता ने बजट में अनेक मुद्दों पर बोलने के साथ शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने धान व बस किलोमीटर स्कीम में घोटाले के मुद्दे भी उठाए।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

chat bot
आपका साथी